टीएनपी(TNP): रविवार की शाम कतर से आई एक खबर ने हजारों भारतीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी. देश के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान में हुए एक भीषण विस्फोट में 12 भारतीयों समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 लोग घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव अभियान तुरंत शुरू करना पड़ा.

कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को हादसे की पुष्टि की. उनके मुताबिक विस्फोट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ. घायलों में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, तंजानिया, केन्या, नाइजीरिया और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं.
यह हादसा उस समय हुआ जब गैस फैसिलिटी को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया चल रही थी. प्लांट कई महीनों से मरम्मत के कारण बंद था और हाल ही में उसे फिर से चालू किया गया था. इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी. कई किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों ने भी धमाके की गूंज महसूस की.

हालांकि ईमर्जन्सी सेवाओं ने तेजी से मोर्चा संभाला और आग पर काबू पा लिया. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच में किसी साजिश या हमले के संकेत नहीं मिले हैं. फिलहाल इसे एक औद्योगिक दुर्घटना माना जा रहा है. हादसे की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
इस घटना के बाद कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय में शोक का माहौल है. दोहा स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि लोग अपने परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें.
कतर में करीब 7.5 लाख भारतीय रहते हैं और वे वहां का सबसे बड़ा विदेशी समुदाय हैं. तेल और गैस उद्योग में भी बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारी, इंजीनियर और तकनीशियन काम करते हैं. ऐसे में इस हादसे ने बड़ी संख्या में भारतीय परिवारों को प्रभावित किया है.
रास लाफान केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं बल्कि कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है. दुनिया के कई देशों को LNG यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस यहीं से भेजी जाती है. इसी गैस उद्योग ने कतर को दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई है.
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर प्लांट को दोबारा शुरू करने के दौरान ऐसी कौन सी तकनीकी या संचालन संबंधी गलती हुई, जिसने इतना बड़ा हादसा पैदा कर दिया. वहीं मृतकों के परिवारों के लिए यह हादसा जीवन भर का दर्द बन गया है.
