केजरीवाल के तर्ज पर हेमंत भी जाएंगे जेल! बाबूलाल के बयान के बाद खलबली,समझिए पूरा समीकरण  

    केजरीवाल के तर्ज पर हेमंत भी जाएंगे जेल! बाबूलाल के बयान के बाद खलबली,समझिए पूरा समीकरण

    रांची(RANCHI): झारखंड में शराब घोटाले की जांच से राज्य में खलबली मच गई है. एक बड़े आईएएस अधिकारी की गिरफ़्तारी से कई सवाल खड़े हो गए और अब इसे दिल्ली शराब घोटाला से भी जोड़कर से देखा जा रहा है. दावा किया गया है कि दिल्ली से बड़ा शराब घोटाला झारखंड में हुआ है. विपक्ष तो सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाने पर लेते हुए अगला नंबर सीएम का बताने से भी परहेज नहीं कर रहा है. ऐसे में जब इस पूरे घोटाले की जांच सीबीआई या ईडी करेगी तो एक बड़ा खुलासा हो सकता है. लेकिन इस जांच से पहले ही झारखंड में बवाल मचा है.

    ACB के एक्शन के बाद से ही उठा सवाल

    खलबली मचने की वजह खुद राज्य सरकार की एजेंसी है. जिस तरह से ACB की कार्रवाई देखने को मिली. एक सेकरेक्ट्री रैंक के अधिकारी की गिरफ्तरी हो गई. इसके बाद एजेंसी ने दावा किया है कि 38 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान राज्य सरकार को हुआ है. आईएएस अधिकारी अपने पद पर रहते हुए उसका दुरुपयोग किया है. साथ ही पैसा का घोटाला हुआ है. आईएएस विनय चौबे की गिरफ़्तारी के बाद से ही यह सवाल उठने लगा की आखिर अचानक इतना सब कुछ कैसे हो गया. क्या इसके पीछे कोई और खेल है या किसी को बचाने की कोशिश की जा रही है.

    दिल्ली के तर्ज पर शराब घोटाला

    कई लोग इस शराब घोटाले को दिल्ली के तर्ज पर हुए शराब घोटाले से जोड़ रहे है. झारखंड में विपक्ष की भूमिका में भाजपा भी आक्रामक हो गई. नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया है कि झारखंड सरकार के इशारे पर विनय चौबे की गिरफ़्तारी हुई है. इनके बाद अब अगला नंबर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का है. शराब घोटाले में पूरी कैबिनेट शामिल है. क्योंकि जब नई शराब नीति का प्रस्ताव बना तो बाद में उसे कैबिनेट में पेश किया गया. और प्रस्ताव को पास कर दिया गया. अब जब सीबीआई की जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. इस पूरे खेल का चैप्टर खुलेगा.   

    दिल्ली से मिलता जुलता खेल      

    अगर देखे तो  दिल्ली में जिस तरह से शराब घोटाले में चौकने वाले खुलासे हुए थे. कुछ इसी अंदाज में झारखंड में भी होगा. दिल्ली में भी शराब नीति बदलाव कर ठेकेदार को फायदा दिया गया और सरकार को नुकसान हुआ कुछ ऐसा ही झारखंड में भी हुआ है.दिल्ली में टेंडर की रकम 25 लाख से बढ़ा कर 05 करोड़ की गई. जिसका नतीजा हुआ की दिल्ली के छोटे ठेकेदार इस पूरे शराब के बाजार से बाहर हो गए. और शराब के मार्केट में बड़े कारोबारी और बाहर के लोगों का कब्जा हुआ. अब झारखंड में भी कुछ ऐसा ही है यहाँ 100 करोड़ से नीचे वाले ठेकेदार को इंट्री नहीं दी गई.

    दिल्ली शराब घोटाले में पूरी सरकार जेल तक पहुंची

    दिल्ली शराब घोटाले में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सीसोदिया,राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत कई लोग गिरफ्तार हो गए. इसकी जांच भी शुरुआत में छोटे कर्मचारी और अधिकारी से शुरू हुई थी जो बाद में दिल्ली सरकार तक पहुंची. अब झारखंड में ACB ने कार्रवाई शुरू की है. इससे पहले ईडी ने भी छत्तीसगढ़ घोटाले से कड़ी जोड़ते हुए झारखंड तक पहुँच चुकी है. ऐसे में एक और केस झारखंड में दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा सकती है.                


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