श्रावणी मेला: बाबानगरी में श्रद्धालुओं को किसी तरह की न हो परेशानी, 18 हज़ार जवान रहेंगे पूरी तरह चौकस:  एसपी 

    श्रावणी मेला: बाबानगरी में श्रद्धालुओं को किसी तरह की न हो परेशानी, 18 हज़ार जवान रहेंगे पूरी तरह चौकस:  एसपी

    देवघर (DEOGHAR): श्रावणी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं है, बल्कि इससे बाबा भक्तों की भावनाएं जुड़ी हैं. यही कारण है कि इस साल लोगों को श्रावणी मेले का खासा इंतजार है. देवघर  में मासव्यापी श्रावणी मेला का आयोजन आगामी 14 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. श्रावणी मेले की शुरूआत होने में 10 दिन से भी कम समय बाकी रह गया है. ऐसे में प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियां कर र है. मेला के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे. ताकि बाबानगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो.

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    मंदिर के प्रवेश और निकास पर रखी जाएगी विषेश निगरानी

    इस साल श्रावणी मेले के दौरान बाबाधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है. पिछले दो सालों की बात करें तो कोरोना महामरी के कारण प्रशासन ने श्रावणी मेले पर रोक लगाई थी. भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस-प्रशासन चौकस है. डीसी हो या जिला एसपी सभी खुद बाबा मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था को लेकर जायजा ले रहे हैं. सुरक्षा के इंतजाम की पूरी जानकारी देते हुए देवघर एसपी सुभाष चंद्र जाट ने बताया कि श्रावणी मेला में लगभग 18 हज़ार पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारियों को भी मेला ड्यूटी के लिए प्रतिनियुक्त किया जाएगा. एसपी ने बताया कि मेला के लिए raf की कंपनी, महिला सीआरपीएफ की कंपनी और इसके अलावा एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड, बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वायड की सेवा भी ली जाएगी. मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए सभी प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी और एचएचएमडी के साथ पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी. साथ ही मंदिर के अंदर निकास द्वार पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेगा.

    आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम रहेगी मौजूद

    वहीं मंदिर में आ रहे श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में किसी तरह के बैग या अन्य सामान ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. शिवगंगा सरोवर सहित पूरे मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम भी मौजूद रहेगी. इसके अलावा चौबीस घटों तक  इंटीग्रेटेड पुलिस कण्ट्रोल रूम बनाए जाएंगे. जहां से पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी. वहीं शहर के विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे. असामाजिक तत्वों की निगरानी के लिए सादे लिबास में भी पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. मेला के दौरान हर तरह की गतिविधियों पर विशेष पुलिस टीम द्वारा पैनी नजर बनाए जाएगी. जिला प्रशासन भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुलभ जलार्पण के लिए हर संभव और बेहतर व्यवस्था कर रहा है.

    नहीं होगी यातायात की समस्या

    एसपी से मिली जानकारी के अनुसार श्रावणी मेला के दौरान यातायात की अहम समस्या हो जाती है. इसके लिए भी एक रूपरेखा तैयार की गई है. जिसके लिए सुचारू रूप से यातायात को नियंत्रित किया जाएगा. भीड़ नियंत्रण के लिए हर चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. इस साल हर श्रद्धालु की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता होगी. उम्मीद है कि इस बार देवघर आने वाले देव तुल्य श्रद्धालु को 2019 से भी बेहतर सुविधाएं इस वर्ष मुहैया होगी.

    रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर


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