चारधाम यात्रा: इस दिन से बंद हो रहे हैं चारों धाम के कपाट, जानिए क्यों 6 महीनों तक बंद रहते हैं पट

    चारधाम यात्रा: इस दिन से बंद हो रहे हैं चारों धाम के कपाट, जानिए क्यों 6 महीनों तक बंद रहते हैं पट

    टीएनपी डेस्क: अगर आप भी चार धाम की यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं तो फिर यह खबर आपके लिए है. क्योंकि, चारों धाम की यात्रा करने के लिए अब कुछ दिन ही बचे हैं. जल्द ही चारों धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. इसके लिए दशहरे पर तारीखों की घोषणा भी कर दी गई है.  दरअसल, हर साल सर्दियों में उत्तराखंड के चारों धाम (केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री धाम, यमुनोत्री धाम) के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. जिसके बाद मंदिरों के कपाट ग्रीष्मकाल यानी अप्रैल-मई के महीने में दर्शन के लिए खोले जाते हैं. ऐसे में अगर आप भी कपाट बंद होने से पहले भगवान के दर्शन करना चाहते हैं तो कपाट बंद होने की तारीखों को जान लें.

    इस दिन बंद हो रहे हैं चारों धाम के कपाट 

    केदारनाथ धाम की बात करें तो बाबा केदार के द्वार पूरे विधि-विधान से पूजा करने के बाद 3 नवंबर को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे. वहीं, कपाट बंद होने के बाद 5 नवंबर से अगले 6 महीनों तक बाबा केदार की मूर्ति की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में की जाएगी. वहीं, गंगोत्री धाम के कपाट 2 नवंबर अन्नकूट पर्व के दिन ही दोपहर अभिजीत मुहूर्त में 12 बजकर 14 मिनट पर कपाट बंद कर दिए जाएंगे. यमुनोत्री मंदिर के कपाट 3 नवंबर भाईदुज पर बंद हो जाएंगे. वहीं, बद्रीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर की रात 9 बजकर 7 मिनट पर पूरे विधि-विधान से पूजा कर बंद कर दिए जाएंगे.

    क्यों बंद हो जाते हैं कपाट

    बता दें कि, चारों धाम ऊंचाई पर स्थित है और यहां तक आने का रास्ता काफी कठिन है. वहीं, दीपावली पर्व के बाद से सर्दी बढ़ जाती है और ऊंचाई पर स्थित होने के कारण तापमान भी यहां चरम सीमा पर होता है. ऐसे में ठंड के मौसम में श्रद्धालुओं के लिए यहां पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है. ऊंचाई पर पहुंचते ही सांस फूलने जैसी दिक्कतें होने लगती है. यही कारण है कि, सर्द मौसम शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.


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