‘मंईयां’ का पल्लू पकड़ चुनावी मैदान में उतरी झामुमो, घाटशिला में पोस्टर हुआ वायरल, गरमाई सियासत

    ‘मंईयां’ का पल्लू पकड़ चुनावी मैदान में उतरी झामुमो, घाटशिला में पोस्टर हुआ वायरल, गरमाई सियासत

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : घाटशिला उपचुनाव की गहमागहमी के बीच झामुमो ने एक बार फिर जनता से जुड़ने की रणनीति अपनाई है. पार्टी ने घाटशिला विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को धार बनाकर अपना अभियान शुरू किया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पोस्टर ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है.

    पोस्टर पर लिखा है, "मेरा वोट उसे जिसने मंईयां को सम्मान दिया," "मेरा वोट उसे जिसने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की." पोस्टर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन, मंत्री रामदास सोरेन और उनके बेटे सोमेश सोरेन की तस्वीरें हैं. बताया जा रहा है कि सोमेश सोरेन को घाटशिला उपचुनाव में संभावित उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा जा सकता है.

    झामुमो इस बार भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक सम्मान को अपने चुनाव अभियान का मुख्य मुद्दा बना रहा है. मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ सामाजिक सम्मान का एहसास दिलाया जा रहा है. यही वजह है कि झामुमो अब जनता के बीच ‘मंईयां’ को एक भावनात्मक प्रतीक के रूप में प्रचारित कर रहा है. हाल के दिनों में हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने ‘मंईयां योजना’ को झारखंड की पहचान बताया. उनका कहना है कि यह सिर्फ़ एक योजना नहीं, बल्कि राज्य की हर मां और बहन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है.

    वहीं इस मामले को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहें हैं. अगर राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह पोस्टर झामुमो की एक रणनीतिक चाल है, जहां वह मंईयां सम्मान योजना और मुफ़्त बिजली जैसी लोकलुभावन घोषणाओं के ज़रिए जनता से जुड़ने की कोशिश कर रहा है. घाटशिला उपचुनाव अब सिर्फ़ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि झारखंड में एक भावनात्मक लड़ाई बनता जा रहा है.

     



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