Jharkhand Politisc: संताल परगना प्रमंडल से सीएम और 4 मंत्री बनने के क्या हैं राजनीतिक मायने? पढ़ें विस्तार से

    Jharkhand Politisc: संताल परगना प्रमंडल से सीएम और 4 मंत्री बनने के क्या हैं राजनीतिक मायने? पढ़ें विस्तार से

    दुमका(DUMKA):झारखंड विधान सभा चुनाव संपन्न होने के बाद मंत्रिमंडल का गठन कर दिया गया है.गुरुवार को कुल 11 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली.एक सप्ताह पूर्व ही हेमंत सोरेन ने सीएम के रूप में शपथ लिया था. मंत्रिमंडल को देखें तो इस बार संताल परगना खासकर गोड्डा लोकसभा की हनक देखने को मिल रही है.

    संताल परगना प्रमंडल से आने वाले सीएम से लेकर सभी 4 मंत्री का है गोड्डा जिला से ताल्लुक

    मंत्रिमंडल में संताल परगना से 4 मंत्री बनाए गए है.इसके अलावे सीएम हेमंत सोरेन भी संताल परगना प्रमंडल के बरहेट विधानसभा से जीत कर विधायक बने है. बरहेट विधान सभा का सुंदर पहाड़ी प्रखंड गोड्डा जिला में आता है.गोड्डा जिला के महगामा से कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह और गोड्डा विधानसभा से राजद विधायक संजय यादव को मंत्री बनाया गया है. गोड्डा लोक सभा के मधुपुर विधानसभा से झामुमो विधायक हफीजुल हसन को भी मंत्री बनाया गया है. गोड्डा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी के पुत्र सह जामताड़ा से कांग्रेस विधायक डॉ इरफान अंसारी को भी मंत्री बनाया गया है.इस तरह देखें तो संताल परगना प्रमंडल से आने वाले सीएम से लेकर सभी 4 मंत्री प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से गोड्डा जिला से जुड़े है.

    मंत्रीमंडल गठन के बाद गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने फेसबुक पर किया पोस्ट, लिखा.. मेरा गोड्डा है कितना महत्वपूर्ण

    मंत्रीमंडल गठन के बाद गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में लिखा कि झारखंड सरकार के 12 मंत्रियों में 5 मेरे लोकसभा के या मेरे जिले से हैं.मुख्यमंत्री जी, दीपिका जी, संजय यादव जी, हाफिज जी, व इरफान अंसारी जी. मेरा गोड्डा कितना महत्वपूर्ण है.सभी को बधाई.निशिकांत दुबे के इस पोस्ट पर यूजर तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

    2029 के लोक सभा चुनाव में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ चक्रव्यूह की रचना

    वर्ष 2024 में संपन्न लोक सभा और झारखंड विधानसभा चुनाव को देख कर ऐसा लगता है कि आने वाले समय में भी चुनाव इंडी और एनडीए गठबंधन के बीच ही होगा.संताल परगना प्रमंडल में लोक सभा के 3 सीट है. इसमें से गोड्डा लोकसभा सीट से भाजपा के निशिकांत दुबे ने 2024 में जीत का चौका लगाया है. राजमहल और दुमका सीट पर फिलहाल झामुमो का कब्जा है.इस बार चुनाव में झामुमो ने दुमका सीट भाजपा से छीना है.संताल परगना प्रमंडल झामुमो का गढ़ माना जाता है, इसके बाबजूद गोड्डा लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के लगातार जीत को इंडी गठबंधन के घटक दल पचा नहीं पा रहे है.

    राजनीति के धुरंधर निशिकांत इस चक्रव्यूह को भेद पाएंगे या इसमें उलझ जाएंगे!

    राजनीति के जानकार बताते है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन को प्रमंडल के 18 में से 17 सीट पर जीत मिली है. गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के जरमुंडी विधान सभा सीट न केबल भाजपा बल्कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की प्रतिष्ठा बचा ली.ऐसे में इंडी गठबंधन के घटक दल अभी से ही 2029 के लोक सभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाने में लग गई है. जिसके तहत कांग्रेस, झामुमो और राजद ने गोड्डा लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विधानसभा सीट से चुनाव जीत कर विधायक बनने वाले को मंत्री बनाया है. एक रणनीति के तहत निशिकांत दुबे के खिलाफ चक्रव्यूह की संरचना की गई है.

    5 वर्षों तक राजनीतिक पटल पर छाया रहेगा गोड्डा जिला

     वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में निशिकांत दुबे इंडी गठबंधन के इस चक्रव्यूह को भेद पाते है या इसमें उलझ जाते है यह तो समय आने पर पता चलेगा लेकिन इतना जरूर है कि आगामी 5 वर्षों तक राजनीति के पटल पर गोड्डा जिला हमेशा सुर्खियों में बना रहेगा।

    रिपोर्ट-पंचम झा



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