धनबाद (DHANBAD): कोयलांचल में "पावर" की जंग छिड़ी हुई है. यह जंग कद बढ़ाने की भी है और इलाके में खुद को साबित करने का भी है. यह अलग बात है कि फिलहाल यह लड़ाई सांसद ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह के बीच सीधी दिख रही है. लेकिन इसके पीछे कई वजह हैं. दोनों का अपना-अपना वजूद साबित करने की जरूरत है, तो जंग के पीछे अभी से ही अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारी हो रही है. यह अलग बात है कि चुनाव में अभी बहुत वक्त है, लेकिन जिस प्रकार संजीव सिंह ने तमाम विरोधों के बावजूद मेयर की कुर्सी पर काबिज हुए हैं, उससे पुराने समीकरण वाले नेता नए समीकरण के लिए जुट गए हैं. कहा तो यही जा रहा है कि टिकट के लिए अभी से गोलबंदी शुरू हो गई है. शर्त पर शर्त रखे जा रहे हैं.
कौन होगा अगला उम्मीदवार, इसकी जमीन हो रही तैयार!
धनबाद, झरिया, निरसा, बाघमारा, सिंदरी और टुंडी से भाजपा के कौन उम्मीदवार होंगे, इसकी जमीन अभी से ही तैयार की जाने लगी है और यही जमीन "पावर' की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है. पावर की लड़ाई लड़ने वालों को कोई ना कोई बहाना चाहिए, बहना मिलते ही आमने-सामने हो जा रहे हैं. सांसद और मेयर की लड़ाई तो अब जग जाहिर हो गई है. दोनों एक दूसरे के खिलाफ बयान बाजी भी कर रहे हैं. संजीव सिंह कतरास इलाके में अपनी सक्रियता तेज किए हुए हैं, तो सांसद शहरी इलाकों में अपने समर्थकों को सक्रिय कर दिया है और खुद भी वह शहरी इलाकों में एक्टिव हैं. सबसे अधिक चर्चा सांसद और पूर्व सांसद की दोस्ती की है. लोग बता रहे हैं कि दो ध्रुव का मिलन आखिर क्यों हुआ? किन शर्तों पर हुआ? क्या इसके पीछे भी विधानसभा की कोई सीट है? हालांकि इन सब का उत्तर मिलने में अभी बड़ा वक्त लगेगा.
तेजी से कोयलांचल की राजनीति ले रही करवट
राजनीति जिस हिसाब से करवट ले रही है, जो चर्चाएं चल रही है, भाजपा के नेता और कार्यकर्ता दबी जुबान में जो बता रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि फिलहाल की राजनीति के पीछे बड़ी वजह है. यह बात भी सच है कि मेयर चुनाव के पहले सांसद ढुल्लू महतो ने संजीव सिंह के बारे में कई बातें कही थी. उन बातों का असर हुआ कि कोयलांचल में गोलबंदी हुई और संजीव सिंह भारी मतों से जीत गए. इसके बाद नए ढंग की राजनीति शुरू हुई है. इस राजनीति के टारगेट में केवल संजीव सिंह ही नहीं बल्कि कई वर्तमान विधायक भी है. यह अलग बात है कि टिकट किसे मिलेगा, किसे नहीं मिलेगा, यह तय करना केंद्रीय नेतृत्व का काम है. लेकिन केंद्रीय नेतृत्व भी तो पक्ष और विपक्ष की आंखों से ही सब कुछ देखता है.
शुभम हत्याकांड की जाँच की मांग पर भी राजनीति
कतरास के शुभम हत्याकांड को लेकर नए ढंग की राजनीति शुरू हुई है. संजीव सिंह पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं तो सांसद ढुल्लू महतो इसकी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. हालांकि शुभम हत्याकांड में धनबाद पुलिस की जांच तेज हो गई है. धनबाद में नए ग्रामीण एसपी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है और उनके कार्यभार ग्रहण करते ही शुभम हत्याकांड पर हल्ला मचा हुआ है. लगातार अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है. अपराधियों के नेटवर्क के भी खुलासे का डिमांड हो रहा है. देखना दिलचस्प होगा कि कोयलांचल में राजनीति का यह रंग आगे क्या-क्या गुल खिलाता है.


