टीएनपी डेस्क (TNP DESK): टी-शर्ट (T-Shirt) आज हमारे वॉर्डरोब का एक ऐसा हिस्सा बन चुकी है, जिसके बिना लाइफ अधूरी सी लगती है. घर में आराम से बैठना हो, दोस्तों के साथ बाहर जाना हो, जिम जाना हो या फिर किसी कैजुअल मीटिंग का हिस्सा बनना हो, टी-शर्ट हर मौके पर पहली पसंद होती है. आरामदायक और कूल लुक देने वाला यह पहनावा पूरी दुनिया में लोकप्रिय है.
लेकिन क्या आपने कभी सुबह-सुबह अलमारी से अपनी पसंदीदा टी-शर्ट निकालते वक्त सोचा है कि आखिर इसे 'टी-शर्ट' ही क्यों कहा जाता है? जींस को जींस कहने या शर्ट को शर्ट कहने के पीछे की वजह तो समझ आती है, पर इस शर्ट के आगे यह 'T' अक्षर क्यों लगा है? क्या यह किसी शॉर्ट फॉर्म का हिस्सा है या इसके पीछे कोई गहरी कहानी है? आइए आज आपको बताते हैं इसके पीछे का बेहद दिलचस्प इतिहास.

तो क्या है 'T' का असली मतलब?
टी-शर्ट में 'T' शब्द को लेकर कई तरह के दावे और थ्योरीज़ सामने आती रही हैं. लेकिन फैशन डिजाइनर्स, इतिहासकारों और भाषा विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे तीन मुख्य कारण माने जाते हैं:
- 'T' शेप का डिज़ाइन
सबसे सीधा और सबसे सटीक कारण इसके डिज़ाइन से जुड़ा है. जब आप एक टी-शर्ट को किसी समतल जगह या बेड पर सीधा फैलाकर रखते हैं, तो ध्यान से देखने पर उसका आकार अंग्रेजी के बड़े अक्षर 'T' (Capital T) जैसा दिखाई देता है. इसकी बॉडी और दोनों बाजू मिलकर एक परफेक्ट 'T' शेप बनाते हैं. यही वजह है कि इसके आकार को देखते हुए इसका नाम 'टी-शर्ट' रख दिया गया.
- ट्रेनिंग शर्ट
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि शुरुआत में इसका इस्तेमाल सेना के जवान अपनी ट्रेनिंग के दौरान करते थे. भारी-भरकम और तंग यूनिफॉर्म के नीचे पहनने के लिए एक हल्के कपड़े की जरूरत थी. इसलिए इसे 'Training Shirt' कहा गया, जो बाद में छोटा होकर सिर्फ 'T-Shirt' रह गया.
- टैंक टॉप
एक अन्य थ्योरी यह भी कहती है कि यह पुराने जमाने के 'टैंक सूट' (बिना बाजू के स्विमसूट) के ऊपरी हिस्से जैसा दिखता था, इसलिए इसे 'Tank Top' के संदर्भ में 'T' नाम मिला. हालांकि, शेप वाली थ्योरी को ही सबसे ज्यादा प्रामाणिक माना जाता है.

अंडरवियर से फैशन सिंबल बनने का सफर
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज जिसे हम बड़े चाव से स्टाइल स्टेटमेंट बनाकर घूमते हैं, वह कभी सार्वजनिक रूप से पहनने के लिए नहीं बनी थी. 19वीं सदी के अंत में टी-शर्ट को एक 'अंडरगारमेंट' (Undergarment) यानी बनियान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था.
रोचक तथ्य
साल 1904 में 'कूपर अंडरवियर कंपनी' ने एक विज्ञापन निकाला, जिसमें कुंवारे पुरुषों के लिए एक ऐसी कमीज पेश की गई जिसमें न तो बटन थे और न ही सुई-धागे की जरूरत थी. इसे 'बैचलर अंडरशर्ट' कहा गया.
इसके बाद, साल 1913 में अमेरिकी नौसेना (US Navy) ने इसे अपने सैनिकों के लिए आधिकारिक अंडरशर्ट बना दिया. सैनिक अपनी भारी वर्दी के नीचे इसे पहनते थे ताकि पसीना सोखा जा सके. चूंकि यह सूती (Cotton) होती थी, इसलिए यह बेहद आरामदायक और सस्ती थी.
डिक्शनरी में कब मिली जगह?
टी-शर्ट शब्द को आधिकारिक रूप से पहचान दिलाने का श्रेय मशहूर अमेरिकी लेखक एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड (F. Scott Fitzgerald) को जाता है. उन्होंने साल 1920 में आए अपने बेहद लोकप्रिय उपन्यास 'दिस साइड ऑफ पैराडाइज' (This Side of Paradise) में पहली बार 'T-Shirt' शब्द का लिखित इस्तेमाल किया था. इसके बाद, साल 1920 के दशक के अंत में इसे 'मरियम-वेबस्टर डिक्शनरी' में भी शामिल कर लिया गया.
हॉलीवुड ने कैसे बदला इसका भाग्य?
अंडरवियर के रूप में पहनी जाने वाली टी-शर्ट को दुनिया के सामने मुख्य पहनावे (Outerwear) के रूप में पेश करने का काम हॉलीवुड ने किया.
- मार्लन ब्रैंडो (Marlon Brando): साल 1951 में आई फिल्म 'A Streetcar Named Desire' में हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मार्लन ब्रैंडो ने सफेद रंग की टाइट टी-शर्ट पहनकर बड़े पर्दे पर तहलका मचा दिया.
- जेम्स डीन (James Dean): इसके बाद 1955 में आई फिल्म 'Rebel Without a Cause' में जेम्स डीन ने टी-शर्ट को युवाओं का नया स्टाइल आइकन बना दिया.
इन फिल्मों के बाद युवाओं में टी-शर्ट पहनने का ऐसा क्रेज बढ़ा कि यह देखते ही देखते बगावत, आज़ादी और कूल लुक का प्रतीक बन गई.

