जरा सी लापरवाही और उजड़ गया परिवार, सरायकेला के बोंगबोंगा नदी में डूबने से मासूम की मौत

जरा सी लापरवाही और उजड़ गया परिवार, सरायकेला के बोंगबोंगा नदी में डूबने से मासूम की मौत

सरायकेला(SARAIKELA):सरायकेला के राजनगर से एक दुखद खबर सामने आई है.जहां भीमखंदा स्थित बोंगबोंगा में डूबने से चार वर्षीय मासूम की जान चली गई. मृतक की पहचान सत्यम दोसांधी के रूप में हुई है.जो धनबाद का रहनेवाला था. जानकारी के अनुसार सत्यम पिछले एक महीने से अपनी मां गुंजा के साथ राजनगर प्रखंड के गम्हारिया पंचायत के सोलगाड़िया स्थित अपने ननिहाल में रह रहा था.

नानी घर आया था मासूम

 शनिवार को सत्यम अपनी मां, नाना-नानी तथा गांव के अन्य परिजनों के साथ ओमनी वैन से भीमखंदा शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचा था.इस दौरान परिवार के सभी सदस्य पूजा-पाठ में व्यस्त थे, जबकि सत्यम समेत तीन बच्चे मंदिर के पास बोनबोंगा नदी के किनारे खेल रहे थे और खेलते-खेलते बच्चे नदी के पास पहुंच गए. इस दौरान सत्यम सीढ़ियों से नीचे उतर गया और पैर फिसलने से गहरे पानी में गिर गया.

अस्तपताल ले जाते वक्त तोड़ा दम

अन्य बच्चों ने उसे डूबते देखा तो शोर मचाया.बच्चों की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. परिजनों ने बच्चे को नदी से बाहर निकालकर उसके शरीर से पानी निकालने का प्रयास किया और आनन-फानन में करीब आधे घंटे की दूरी तय कर राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया.अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने के लिए सीपीआर समेत अन्य जरूरी प्रयास किए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.

फेफड़ों में पानी भर जाने के कारण उसकी मौत

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्याम सोरेन ने बताया कि बच्चे के फेफड़ों में पानी भर जाने के कारण उसकी मौत हो गई थी उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की सांसें थम चुकी थीं, फिर भी चिकित्सकीय टीम ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया.घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है.मासूम की मां गुंजा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.

लापरवाही की वजह से गई बच्चे की जान

 इधर धनबाद में रह रहे पिता पप्पू दोसांधी को भी घटना की सूचना दे दी गई है. परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बच्चों पर ध्यान दिया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. एक पल की लापरवाही ने परिवार से उसका मासूम बेटा छीन लिया.

रिपोर्ट-वीरेंद्र मंडल