साहिबगंज (SAHIBGANJ): जिले के बरहेट में पेंशन घोटाले की जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है. खैरवा गांव में जांच करने पहुंची बरहेट थाने की पुलिस के सामने स्थानीय लाभुकों ने खुलकर अपनी बात रखी और कई बिचौलियों के नामों को उजागर किया. जानकारी के अनुसार, पंचायत सेवक की उपस्थिति में नसीम अंसारी, महेश ठाकुर, जैनुल अंसारी, जमशेद अंसारी, आबिद अंसारी और मनोज ठाकुर समेत कई वृद्ध लाभुकों ने पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई. लाभुकों ने बताया कि बरहेट के मुर्तजा अंसारी नाम के एक बिचौलिए ने सरकार की मासिक पेंशन योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे संपर्क किया था.
लाभुकों के अनुसार, बिचौलियों ने उन्हें झांसा दिया कि सरकार की एक विशेष योजना के तहत उन्हें हर महीने एक हजार रुपये मिलेंगे. इस प्रलोभन में आकर ग्रामीणों ने अपने पहचान पत्र और अन्य जरूरी सरकारी कागजात बिचौलियों को सौंप दिए. इसके बाद योजना को पास कराने के एवज में प्रत्येक लाभुक से 12-12 हजार रुपये की मोटी रकम वसूली गई.
चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध वसूली के बदले कुछ लाभुकों को केवल एक या दो महीने ही पेंशन की राशि मिल सकी. मामले का भंडाफोड़ होने के बाद मुख्य आरोपी मुर्तजा अंसारी ने ग्रामीणों के घर जाकर उन्हें पुलिस के सामने किसी अन्य व्यक्ति का नाम लेने की धमकी भी दी.
इस घोटाले के तार कई गांवों से जुड़े हैं. खैरवा गांव के परवेज आलम ने छुछी गांव के एक अन्य बिचौलिए की संलिप्तता की बात कबूली है, जबकि अयूब अंसारी और अहमद अंसारी ने बताया कि सोनाजोरी गांव के एक बिचौलिए ने फॉर्म भरवाने के नाम पर उनसे 12 हजार रुपये ऐंठे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए बरहेट थाना पुलिस ने सभी पीड़ित लाभुकों के लिखित बयान दर्ज कर लिए हैं. पुलिस की इस सक्रियता और गठित विशेष जांच दल (SIT) की ताबड़तोड़ छापेमारी के डर से क्षेत्र के अधिकांश बिचौलिए अपने मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है.

