रांची में बिना नक्शा पास कराए बनाया है घर तो होगी मुश्किल, 26 जून तक रेगुलराइजेशन का आखिरी मौका

रांची में बिना नक्शा पास कराए बनाया है घर तो होगी मुश्किल, 26 जून तक रेगुलराइजेशन का आखिरी मौका

रांची (RANCHI) : अगर आपने रांची में बिना नक्शा पास किए घर बनाया है तो आपकी मुश्किलें बढ़ने वाली है. झारखंड सरकार की ओर से बिना स्वीकृत न क्शे के बने भवनों को कानूनी मान्यता देने के लिए शुरू की गई भवन नियमितीकरण योजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. सरकार ने इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 जून निर्धारित की है. इसके बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद सभी प्राप्त आवेदनों की तकनीकी जांच शुरू होगी और नियमों के अनुरूप पाए जाने वाले भवनों के नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य ऐसे भवनों को नियमित कर शहरों में भवन निर्माण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है.

रांची नगर निगम और रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (RRDA) में योजना लागू हुए करीब 56 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक केवल 837 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं. इनमें 702 आवेदन रांची नगर निगम और 135 आवेदन आरआरडीए क्षेत्र से मिले हैं. जबकि अनुमान है कि राजधानी में हजारों भवन बिना स्वीकृत नक्शे के बने हुए हैं. अधिकारियों का मानना है कि लोगों में जागरूकता की कमी और योजना की शर्तों को लेकर असमंजस के कारण आवेदन अपेक्षा से काफी कम आए हैं. विभाग लगातार लोगों से समय रहते आवेदन करने की अपील कर रहा है.

इसके साथ ही नगर विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल 26 जून तक केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे हैं. अभी पोर्टल पर केवल आवेदन जमा हो रहे हैं, जबकि शुल्क जमा करने की सुविधा अंतिम तिथि के बाद शुरू की जाएगी. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पहले सभी आवेदनों की तकनीकी जांच होगी. इसके बाद पात्र भवनों के नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे और संबंधित भवन स्वामियों को शुल्क जमा करने का निर्देश दिया जाएगा. योजना के तहत आवासीय भवनों के लिए 10 हजार रुपये और व्यावसायिक भवनों के लिए 20 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. इसके बाद भवन के क्षेत्रफल, निर्माण मानकों और अन्य तकनीकी शर्तों के आधार पर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी.

योजना में कम आवेदन आने का एक बड़ा कारण इसकी कड़ी शर्तें भी मानी जा रही हैं. यह योजना केवल 300 वर्गमीटर तक के भूखंड पर बने जी+2 भवनों पर लागू है. इसके अलावा सेटबैक, सड़क चौड़ीकरण और मास्टर प्लान से जुड़ी शर्तों को लेकर भी कई भवन मालिक संशय में हैं. विभाग का कहना है कि 26 जून के बाद प्राप्त सभी आवेदनों की जांच की जाएगी और जो भवन नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है. इसलिए सरकार ने सभी पात्र भवन मालिकों से अंतिम तिथि से पहले आवेदन करने और योजना का लाभ उठाने की अपील की है.