‘नशे को ना, जिंदगी को हां’, झारखंड में ड्रग्स के खिलाफ महाअभियान, CM ने रवाना किया जागरूकता रथ

‘नशे को ना, जिंदगी को हां’, झारखंड में ड्रग्स के खिलाफ महाअभियान, CM ने रवाना किया जागरूकता रथ

रांची(RANCHI):  झारखंड में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है. "नशे को ना कहें, जिंदगी को हां कहें" के संदेश के साथ सोमवार को राजधानी रांची से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 80 हाईटेक जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

राज्य सरकार का यह अभियान अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. सरकार का मानना है कि नशे की लत युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही है और समाज के विकास में भी बड़ी बाधा बन रही है. ऐसे में जन-जागरूकता के माध्यम से इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है. युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें शिक्षा, खेल से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने लोगों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की.

अभियान के तहत रवाना किए गए सभी 80 जागरूकता रथ आधुनिक एलईडी स्क्रीन से लैस हैं. ये रथ राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर नशे के दुष्परिणामों से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे.

सरकार की योजना है कि इस अभियान के जरिए स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों को भी जोड़ा जाए, ताकि नशा मुक्ति का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके. विशेष रूप से युवाओं और किशोरों को लक्ष्य बनाकर उन्हें नशे के खतरों के प्रति जागरूक किया जाएगा.

राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह विशेष अभियान न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि नशे के कारोबार और इसके सेवन के खिलाफ सामाजिक माहौल तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. झारखंड में नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है.