राज्यसभा चुनाव से पहले लगा सियासी पहरा, होटल पॉलिटिक्स की सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने भरा जीत का दम

राज्यसभा चुनाव से पहले लगा सियासी पहरा, होटल पॉलिटिक्स की सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने भरा जीत का दम

रांची (RANCHI): झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और जीत की रणनीति बनाने में जुट गए हैं. इसी कड़ी में पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने विधायकों को रांची के एक पांच सितारा होटल में ठहराया था, वहीं अब कांग्रेस ने भी अपने सभी विधायकों को BNR चाणक्य होटल में बुलाया है.

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के सभी विधायक पार्टी के प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं. इस दौरान विधायकों को चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है और गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है. बैठक के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में जीत संख्या बल के आधार पर तय होती है और आंकड़े पूरी तरह से इंडिया गठबंधन के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन है और इसी दम पर दोनों राज्यसभा सीटों पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे.

इरफान अंसारी ने कहा कि गठबंधन के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और चुनाव में जीत का परचम लहराने के लिए तैयार हैं. उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अपने विधायकों को पहले ही नाथवानी के हाथ बेच चुकी है. हालांकि उनके इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं,  मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने भी इंडिया गठबंधन की जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि झारखंड में गठबंधन बेहद मजबूत स्थिति में है और संख्या बल स्पष्ट रूप से उनके पक्ष में है. उन्होंने कहा कि भाजपा की कोई भी राजनीतिक रणनीति या साजिश यहां सफल नहीं होने वाली है. 

दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं और राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों को समर्थन देकर जीत सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव परिणाम इंडिया गठबंधन के पक्ष में आएंगे. राज्यसभा चुनाव से पहले शुरू हुई यह होटल पॉलिटिक्स अब झारखंड की राजनीति का केंद्र बन गई है. आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और रणनीतिक बैठकों का दौर और तेज होने की संभावना है.

रिपोर्ट : समीर हुसैन