जेपीएससी प्रथम नियुक्ति घोटाला: सीबीआई की विशेष अदालत में 44 आरोपी हुए पेश, 13 जुलाई को अगली सुनवाई

जेपीएससी प्रथम नियुक्ति घोटाला: सीबीआई की विशेष अदालत में 44 आरोपी हुए पेश, 13 जुलाई को अगली सुनवाई

रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रथम सिविल सेवा नियुक्ति घोटाला मामले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. आज (बुधवार) को रांची स्थित सीबीआई की विशेष न्यायाधीश की अदालत में अहम सुनवाई हुई. इस दौरान मामले के कुल 74 आरोपियों में से केवल 44 आरोपी ही अदालत के समक्ष उपस्थित हुए, जबकि शेष 30 आरोपियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई. अदालत ने इस स्थिति को देखते हुए मामले की गंभीरता को रेखांकित किया और अनुपस्थित आरोपियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी है.

बता दें, इस बहुचर्चित नियुक्ति घोटाले में कुल 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें झारखंड लोक सेवा आयोग के कई पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सफल उम्मीदवार शामिल हैं. विशेष अदालत ने पूर्व में इन सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी कर उन्हें अदालत में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद, बुधवार को हुई सुनवाई में आरोपियों की पूरी संख्या बल मौजूद नहीं हो सकी और सिर्फ 44 आरोपियों ने ही कानून के समक्ष अपनी हाजिरी लगाई, जिससे अदालती कार्यवाही को आगे बढ़ाना पड़ा.

विदित हो कि इस घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष दिलीप कुमार प्रसाद, पूर्व सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह, शांति देवी, राधा गोविंद सिंह नागेश और तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी सिंह सहित कुल 74 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट के आधार पर समन जारी किया है. इन आरोपियों में 47 ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं जो वर्तमान में विभिन्न सरकारी पदों पर कार्यरत हैं या इस प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं. झारखंड हाई कोर्ट के कड़े आदेश और हस्तक्षेप के बाद, इस बड़े नियुक्ति घोटाले के करीब 12 साल बाद सीबीआई ने जांच पूरी कर अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद अब कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है