Ranchi : झारखंड में राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की एक सीट पर मिली हार के बाद अब गठबंधन को लेकर झामुमो ने बड़ा बयान दिया है. राज्य में आने वाले दिनों में नए स्वरूप में गठबंधन की सरकार दिखेगी. साथ ही राजद को बाहर का रास्ता झामुमो दिखा सकती है. हलाकी इसपर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लेंगे.
सोमवार को झामुमो प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव में धन बल का खेल किया गया है. फिर भी 50 विधायक चट्टानी एकता के साथ डटे रहे. इंडिया गठबंधन ने मजबूती के साथ चुनाव लड़ा. हलाकी एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में 50 विधायक आज भी हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के साथ खड़े है. जबकि बाकी 30 भाजपा के साथ है. उनके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन नबीन है.
ऐसे में अब इस बयान के बाद राज्य में चर्चा शुरू हो गई की क्या आगे वाले दिनों में झामुमो कोई बड़ा निर्णय लेने की तैयारी में है. क्योंकि चुनाव में हार कांग्रेस उम्मीदवार की नहीं बल्कि गठबंधन की हुई है. बहुमत का आकड़ा होने के बाद भी कांग्रेस के उम्मीदवार जीत नहीं पाए. गठबंधन के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर निर्दलीय उम्मीदवार को जीताने का काम किया है.
राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाया था की राजद और माले दोनों दलों ने धोखा देने का काम किया है. चुनाव में झामुमो कांग्रेस ने मजबूती के साथ चुनाव लड़ा. गठबंधन की एकता बनी रही. लेकिन वोटिंग के समय राजद ने धोखा दिया और भाजपा समर्थित उम्मीदवार को वोट कर खेल ही पलट दिया. इसपर कांग्रेस ने बताया दिया था की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे. जिसके बाद अब झामुमो ने कड़ा बयान दिया है.
बता दे कि झारखंड में दो राज्यसभा सीट के लिए 18 जून को मतदान हुआ. जिसमें तीन उम्मीदवार मैदान में थे. झारखंड मुक्ति मोर्चा से बैजनाथ राम,कांग्रेस से प्रणव झा और निर्दलीय परिमल नाथवानी चुनावी दंगल में उतरे. एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों की जरूरत थी. ऐसे में कांग्रेस और झामुमो दोनों के उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही थी. क्योंकि 56 विधायक गठबंधन में है. लेकिन वोटिंग के समय कांग्रेस को 20 ही विधायकों ने वोट किया. जिसमें 16 कांग्रेस और 4 झामुमो के शामिल थे. ऐसे में शक राजद और माले पर गया. और सवाल यही से खड़ा हुआ की क्या अब झामुमो कोई कड़ा एक्शन इस क्रॉस वोटिंग पर लेगी.

