नीट परीक्षा पर झामुमो का तंज! कहा- गर्त में पहुंची शिक्षा व्यवस्था  

नीट परीक्षा पर झामुमो का तंज! कहा- गर्त में पहुंची शिक्षा व्यवस्था

रांची(RANCHI):देश में NEET कि परीक्षा खत्म हो गई. परीक्षा चाक चौबंद इंतजाम क़े बीच कराया गया. पेपर ट्रांसपोर्टिंग से लेकर सेंटर तक पेपर पहुंचाने में वायु सेना ने अपनी भूमिका निभाई. लेकिन इस परीक्षा में अब झामुमो ने सवाल उठाया है. पूछा कि अब वायु सेना का इस्तेमाल NEET पेपर क़े लिए किया गया हो सकता है आगे कोई परीक्षा में ED सीबीआई और NIA का भी इस्तेमाल कर सकते है.

झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सुप्रीयो भट्टचार्य ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने एक बड़े मिशन को सफल किया है. NEET की परीक्षा सफलतापूर्ण पूरी की गई. भारत सरकार ने रक्षा मंत्रालय से परीक्षा को सफल करने करने क़े लिए वायु सेना की मदद लेनी पड़ी है.ऐसे में शिक्षा मंत्रालय पर धिक्कार है. वह एक परीक्षा खुद से नहीं करा पा रहे है. शर्म से मंत्रालय को डूब कर मर जाने की जरुरत है.

आज देश में शिक्षा व्यवस्था का हाल गर्त में डाल दिया गया. शिक्षा का बजट कम किया गया और पैसे वालों क़े हाथ में शिक्षा की कमान दे दी गई. जितने भी निजी कॉलेज है वह सिर्फ पैसे का खेल खेल रहे है और जिसके पास पैसा है अब वही पढ़ाई कर पायेगा. भाजपा सरकार ने देश में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया. NTA एक परीक्षा कराने में सफल नही हो पा रही है

सेना किसी आपात हालत में इस्तेमाल किये जाते है. लेकिन सेना को ट्रांसपोटिंग क़े लिए लगाया गया यह सरकार क़े लिए शर्मनाक है. सेना हमारे देश का गौरव है. और सेना का इस्तेमाल ऐसे ट्रांसपोर्टिंग में किया गया है. अब CUET क़े परीक्षा में NIA को लगा दे, यूपीएससी की परीक्षा में ED और अन्य परीक्षा में सीबीआई जैसी संस्था को लगा कर परीक्षा करा देंगे.

देश में शिक्षा व्यवस्था का हाल बदहाल कर दिया गया. धीरे धीरे देश को बर्बाद किया जा रहा है. यहाँ अब परीक्षा जब सरकार एक सही से नही करा पा रही है तो फिर किस लिए सरकार सत्ता में है. देश को धार्मिक,संस्कृति संकट में झोक कर भाजपा सरकार खुश हो रही है.

अगर इस बार भी कुछ पेपर को लेकर खुलासा होता है तो ऐसे में अब सेना पर सवाल उठेगा. यही भाजपा चाहती है. की ज़ब कोई बात बिगड़े तो सेना सवालों को आए और सरकार सवालों से बच जाए.

उन्होंने कहा कि मार्च से लेकर अब तक NEET क़े 19 छात्रों ने अपनी ज़िन्दगी खत्म कर ली है. इसका जवाब कौन देगा. शिक्षा मंत्री अबतक अपनी कुर्सी पर बैठे है. जो छात्रों क़े खून से लाल है.