रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में राजनीतिक समीकरणों के बीच बड़ा उलटफेर देखने को मिला. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी विजयी घोषित किए गए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा.झारखंड विधानसभा में गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान कराया गया. निर्वाचन प्रक्रिया झारखंड विधानसभा के न्यायाधिकरण कक्ष (कमरा संख्या EW-42) में संपन्न हुई. मतदान के दौरान सभी उम्मीदवार, विभिन्न राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंट, पोलिंग एजेंट और चुनाव एजेंट उपस्थित रहे.निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार के निर्देशन में आयोजित मतदान में कुल 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मतदान समाप्त होने के बाद उसी स्थल पर मतों की गिनती की गई. मतगणना के दौरान भी उम्मीदवारों और उनके एजेंटों की मौजूदगी रही.

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कुल 81 मतों में से 78 मत वैध पाए गए, जबकि 3 मत रद्द कर दिए गए. मतों की गणना में झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 30 मत प्राप्त हुए. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के पक्ष में 28 मत पड़े. कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 मत हासिल हुए.
राज्यसभा चुनाव के लिए निर्धारित कोटा के अनुसार बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी ने आवश्यक मत हासिल कर जीत दर्ज की. इसके साथ ही कांग्रेस की दूसरी सीट जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है.

चुनाव परिणाम ने यह भी संकेत दिया है कि मतदान के दौरान कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर मतदान किया. कांग्रेस उम्मीदवार को अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने से राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हो गई हैं. वहीं परिमल नाथवानी की जीत ने झारखंड की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है.
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आलोक में निर्वाची पदाधिकारी ने झामुमो के बैद्यनाथ राम तथा निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित कर दिया.
अब चुनाव परिणाम के बाद सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस उम्मीदवार को अपेक्षित वोट क्यों नहीं मिले और आखिर किन विधायकों ने चुनावी गणित को बदल दिया. आने वाले दिनों में यह मुद्दा झारखंड की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है.

