रांची (RANCHI): झारखंड सरकार ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक से लैस बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र प्रायोजित 'मॉडर्नाइजेशन ऑफ पुलिस फोर्स' योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8.05 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस राशि का उपयोग पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने, आधुनिक संसाधनों से लैस करने और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा.
इस संबंध में गृह विभाग ने प्रधान महालेखाकार (लेखा), झारखंड को आधिकारिक पत्र जारी कर स्वीकृति की जानकारी दे दी है. सरकार का मानना है कि इस योजना से राज्य की पुलिस व्यवस्था तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और आधुनिक बनेगी. पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत स्वीकृत 8.05 करोड़ रुपये की राशि में केंद्र और राज्य सरकार दोनों का योगदान होगा. योजना के अनुसार 60 प्रतिशत यानी 4.83 करोड़ रुपये केंद्र सरकार, जबकि 40 प्रतिशत यानी 3.22 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी.
स्वीकृत राशि का उपयोग पुलिस विभाग की आधारभूत संरचना और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा. इसके तहत पुलिस के लिए आधुनिक हथियारों की खरीद, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों का विस्तार, बेहतर संचार प्रणाली विकसित करना, नए पुलिस वाहनों की व्यवस्था, पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना तथा नए पुलिस थानों और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य पुलिस बल को बदलते समय की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से संभाला जा सके.
गृह विभाग के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत कार्य योजनाओं, अतिरिक्त परियोजनाओं और विशेष योजनाओं को भी 2026-27 के लिए पुनः वैध (Revalidated) किया गया है. इससे पहले से प्रस्तावित परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है. विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना के सभी मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वीकृत राशि का शीघ्र और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुलिस आधुनिकीकरण की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके.

