चुनाव से पहले आयोग एक्टिव, मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर बड़ी बैठक

चुनाव से पहले आयोग एक्टिव, मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर बड़ी बैठक

रांची(RANCHI): आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने की कवायद तेज हो गई है. इसी कड़ी में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने राज्यभर के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों (AERO) के साथ ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया. इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की.

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की सफलता काफी हद तक ईआरओ और एईआरओ की सक्रियता और निगरानी पर निर्भर करती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर की ओर किए जा रहे कार्यों का सत्यापन और उसकी जवाबदेही संबंधित ईआरओ एवं एईआरओ की होगी. इसलिए सभी अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें.

उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से बताया कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय मतदाताओं से किसी भी प्रकार के दस्तावेज नहीं लिए जाने हैं. साथ ही आंशिक रूप से भरे गए फॉर्म भी स्वीकार किए जाएंगे. इसके लिए सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को समय पर प्रशिक्षित करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल ईआरओ और एईआरओ के माध्यम से ही कराया जाएगा.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बीएलओ और बीएलए-2 की बैठकों को समय पर आयोजित कराने के भी निर्देश दिए. साथ ही कहा कि इन बैठकों से संबंधित तस्वीरों को बीएलओ ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, ताकि सभी गतिविधियों की निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके.

ऑनलाइन आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह समेत राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ और एईआरओ शामिल हुए.