रांची (RANCHI): झारखंड की राजनीति और कानूनी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार के महाधिवक्ता (Advocate General) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे की खबर सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. हालांकि, अब तक उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ना ही पीछे की वजहों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
राजीव रंजन लंबे समय से झारखंड सरकार के महाधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और राज्य सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण मामलों में अदालतों में पक्ष रख चुके हैं. उनकी गिनती राज्य के वरिष्ठ और अनुभवी विधि विशेषज्ञों में की जाती है. ऐसे में उनके अचानक पद छोड़ने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
महाधिवक्ता का पद किसी भी राज्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि सरकार की कानूनी रणनीति, संवैधानिक मामलों और उच्च न्यायालय में पक्ष रखने की जिम्मेदारी इसी पद के माध्यम से निभाई जाती है. ऐसे में राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है.
फिलहाल सरकार की ओर से न तो इस्तीफा स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि की गई है और न ही नए महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर कोई संकेत दिया गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. राज्य की राजनीति और कानूनी व्यवस्था में इस घटनाक्रम को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस अहम संवैधानिक पद की जिम्मेदारी किसे सौंपती है.

