बड़ी खबर : पद्म भूषण से सम्मानित हुए दिशोम गुरु शिबू सोरेन, राष्ट्रपति भवन में पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान
झारखंड आंदोलन के महानायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता, आदिवासी अस्मिता के सशक्त प्रतीक और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके ऐतिहासिक योगदान को श्रद्धांजलि देते हुए यह सम्मान प्रदान किया. शिबू सोरेन की ओर से उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने पद्म भूषण ग्रहण किया, जबकि इस विशेष अवसर पर उनकी पुत्रवधू और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं.
झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में शिबू सोरेन का नाम एक ऐसे जननेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए दशकों तक संघर्ष किया. अलग झारखंड राज्य की मांग को जन-जन तक पहुंचाने और आदिवासी समाज की आवाज को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. उनके नेतृत्व में चले आंदोलनों ने न सिर्फ झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी, बल्कि वंचित और पिछड़े वर्गों को भी नई पहचान दिलाई. केंद्र सरकार ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को सम्मान देते हुए गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उनके नाम की घोषणा पद्म पुरस्कारों की सूची में की थी. यह सम्मान उन्हें जनकल्याण, सामाजिक न्याय और आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया है.