झारखंड में तूफान से पहले की शांति? कांग्रेस नेताओं के बयान पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को किसने लिखा पत्र

झारखंड में तूफान से पहले की शांति? कांग्रेस नेताओं के बयान पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को किसने लिखा पत्र

TNP DESK- झारखंड में क्या तूफान के पहले की शांति है? राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के बाद गठबंधन के दलों विशेष कर कांग्रेस, राजद  और माले  में  चुभने वाले शब्दवाण  चल रहे है.  कांग्रेस का सीधा आरोप है कि राजद और माले  कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को वोट नहीं किया है.  जबकि राजद और माले  का कहना है कि कांग्रेस से  ही भितरघात  हुआ है.  यह आरोप  अब  रांची से चलकर दिल्ली पहुंच गया है.  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को स्थिति से अवगत कराया गया है. 

 माले  के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने लिखा कड़ा पत्र 

 माले  के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने 19 जून को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि यह जानकर हैरानी हो रही है कि कांग्रेस झारखंड के राज्यसभा में हार  के लिए माले  को जिम्मेदार बता रही है.  उन्होंने कहा है कि यह सफेद झूठ है.  माले  के दोनों विधायक ने प्रणव झा के   पक्ष में मतदान किया है.  पार्टी के पोलिंग एजेंट ने इसकी जांच की  है.  महासचिव ने कहा है कि यह पत्र इसलिए लिख रहे हैं कि तत्काल प्रभाव से माले  के विधायकों के खिलाफ चलाया जा रहा प्रोपेगेंडा को बंद कराया जाए.  इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है.  उन्होंने यह भी  कहा है कि बिहार और झारखंड में माले  के विधायक विपक्षी उम्मीदवारों को वोट किया है.  उन्होंने याद दिलाया है कि माले  समर्पित पार्टी है और इंडिया ब्लॉक के निर्माण में उसकी बड़ी भूमिका रही है.  उन्होंने कहा है कि तुरंत कांग्रेस के नेताओं को कहा जाए कि  झूठे आरोप लगाना बंद कराया जाये।  इसे महागठबंधन  में गलत संदेश जाएगा। 

राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद कई सवाल खड़े हुए 

बता दे  कि झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा हार गए.  लेकिन उसके बाद कई सवाल भी खड़े हो गए है. गठबंधन के घटक  दल सामने आ गए है. और कांग्रेस को ही घेर रहे हैं. कह रहे हैं कि भितरघात कांग्रेस खेमे से ही हुआ है.  जबकि  झारखण्ड कांग्रेस प्रभारी के राजू का कहना है कि राजद और माले ने कांग्रेस को वोट नहीं किया. राजद  का दावा है कि उसके चार वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिले है. माले का दावा  है कि उसके दो वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिले है. झामुमो का दावा है कि उसके भी चार  वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिले है. कांग्रेस के16 विधायक हैं. ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार को मिलना चाहिए था 26 वोट, लेकिन मिला है 21 वोट, इसका क्या मतलब है? अगर राजद, झामुमो और माले का दावा सच है तो क्या कांग्रेस में ही  भितरघात हुआ है?आखिर किस विधायक ने क्रॉस वोटिंग की है . कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू ही एजेंट थे. ऐसे में कहां चूक  हुई कि कांग्रेस के विधायक इधर-उधर हुए होंगें? क्या राजद के लोग सच बोल रहे हैं,माले का दावा कितना सच है. कांग्रेस की बात में कितनी सच्चाई है. सब एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है.