गढ़वा (GARHWA) : झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र स्थित डोली पत्थर जंगल में एक विशालकाय जंगली हाथी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. खास बात यह है कि इसी क्षेत्र में पहले भी जंगली हाथियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है जिनका रहस्य आज तक नहीं सुलझ पाया है
वन विभाग को दी सूचना
झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के चिनिया-बेता मुख्य सड़क स्थित डोली पत्थर जंगल में एक विशालकाय जंगली हाथी का शव मिलने से पूरे इलाके में शोर मच गया. बुधवार सुबह तालाब के पास हाथी का शव देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना ग्रामीणों और वन विभाग को दी. देखते ही देखते आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और हाथी को देखने के लिए भारी भीड़ जुट गई.
स्थानीय ग्रामीण मज़ीद ने बताया कि जंगल के बीच हाथी का शव मिलने की खबर से लोग हैरान हैं. उनके अनुसार हाथी की मौत लगभग चार से पांच दिन पहले हुई प्रतीत होती है. शव से तेज दुर्गंध निकल रही है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना कई दिन पुरानी है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले भी जंगली हाथियों की रहस्यमयी मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक उन मामलों का खुलासा नहीं हो पाया है. ऐसे में ग्रामीण इस घटना को लेकर भी कई तरह की आशंकाएं जता रहे हैं.
प्रयोगशाला भेजा जाएगा
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने आसपास के इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाथी की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बुलाई जा रही है. हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और आवश्यक नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा.
वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाथी की मौत बीमारी, दुर्घटना, प्राकृतिक कारणों या किसी अन्य वजह से हुई है. फिलहाल विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है.
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें
जंगल में हाथी का शव मिलने की घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों की भीड़ देर तक मौके पर जुटी रही, जबकि वन विभाग की टीम पूरे मामले की गंभीरता से जांच में लगी हुई है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे हाथी की मौत के रहस्य से पर्दा उठ सके.
रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार

