कोयलांचल के दो विभूति:एक की पुण्यतिथि तो दूसरे की जयंती,एक राजनीतिक संत थे तो दूसरे बेताज बादशाह

कोयलांचल के दो विभूति:एक की पुण्यतिथि तो दूसरे की जयंती,एक राजनीतिक संत थे तो दूसरे बेताज बादशाह

धनबाद: कोयलांचल के बेताज बादशाह कहे जाने वाले सूर्य देव सिंह की आज पुण्यतिथि है, तो राजनीतिक संत कहे जाने वाले एके राय की आज जयंती है. पूरा कोयलांचल आज उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है. दोनों ने कोयला क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाया. एक बलिया से धनबाद आए ,जबकि दूसरे बंगाल से धनबाद आए. दोनों आज जीवित नहीं है लेकिन उनकी चर्चा होती रहती है.

कोयला मजदूरों को उनके बाद फिर वैसी आवाज नही मिली. एके राय सादगी के लिए प्रसिद्ध रहे तो सूर्य देव सिंह मजदूर संगठन से लेकर मजदूरो की आवाज के लिए आज भी चर्चित हैं. 

सूर्य देव सिंह बलिया के गोनिया छपरा गांव से 1960 के दशक में धनबाद आए और फिर धनबाद के ही होकर रह गए. एके राय कोयलांचल में एफसीआई सिंदरी में नौकरी से जिंदगी शुरू की. लेकिन मजदूरों के शोषण ने उन्हें नौकरी छोड़ने को बाध्य कर दिया और त्यागपत्र देकर मजदूर आंदोलन से जुड़ गए. वह तीन बार के विधायक रहे और तीन बार के सांसद रहे. 

लेकिन उनकी चर्चा विधायक और संसद को लेकर काम होती बल्कि सादगी और राजनीति को एक नई दिशा देने के लिए की जाती है.