Singh Mansion VS Dhullu Mahato : कतरास -बाघमारा  की  "विख्यात से लेकर कुख्यात" तक की क्या है कहानी

Singh Mansion VS Dhullu Mahato : कतरास -बाघमारा  की  "विख्यात से लेकर कुख्यात" तक की क्या है कहानी

धनबाद(DHANBAD):  अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाला कतरास-बाघमारा  आज "दूसरी तरह" की राजनीति का अखाड़ा बन  गया है.  अंग्रेजी शासन के खिलाफ 1942 में  अगस्त क्रांति के दौरान कतरास में बड़ी सभा हुई थी.  कहा तो जाता है कि 1942 में स्वतंत्रता के दीवानों ने थाने पर तिरंगा फहरा दिया था.  उसके बाद से कतरास का नाम सुर्खियों में आया था.  लेकिन आज कतरास का नाम "बदनामी" के हवाले किया जा रहा है.  राजनीति गर्म है.  कोयला तस्करी को लेकर कतरास कुख्यात  हो गया है.  बाघमारा के एसडीपीओ पर हमले की बात हो अथवा कोयला अधिकारियों पर दबाव बनाने की , सब कुछ कतरास-बाघमारा  में हो रहा है. 

कतरास -बाघमारा बन गया है राजनीति का नया केंद्र 

 इस बीच कतरास सिंह मेंशन और सांसद ढुल्लू महतो  के बीच की "राजनीतिक लड़ाई" का केंद्र बन गया है.  लड़ाई की शुरुआत निगम चुनाव से हुई और यह बढ़ती ही जा रही है. जानकारी के अनुसार  कतरास के बरोरा थाना क्षेत्र के जमुआटांड़ में  मेयर संजीव सिंह के करीबी समर्थक सुमन सिन्हा पर हुए कथित हमले के बाद बाघमारा की "राजनीतिक  घमासान" तेज हो गया है.   मेयर के छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम पीड़ित से मिलने पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.  बुधवार को मेयर संजीव सिंह बाघमारा के माटीगढ़ में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए थे.  इस कार्यक्रम में सुमन सिन्हा भी सक्रिय रूप से मौजूद थे.  आरोप है कि शाम को कार्यक्रम से लौटने के दौरान सुमन सिन्हा अपने दो साथियों के साथ कार से धनबाद आ रहे थे.  इसी दौरान जमुआटांड़ के समीप बाइक सवार नकाबपोश लोगों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया।  

जनता ही 15 साल के आंतक राज को खत्म करेगी -सिद्धार्थ गौतम 

घटना के बाद पीड़ित से मिलने पहुंचे सिद्धार्थ गौतम ने बिना किसी का नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि बाघमारा में लोगों को अपनी स्वतंत्र राय रखने तक की आजादी नहीं है और विरोधियों को डराने-धमकाने का माहौल बनाया जा रहा है.  सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि बाघमारा के हालात चिंताजनक हैं और इसकी तुलना पश्चिम बंगाल जैसी राजनीतिक हिंसा वाली स्थिति से की जा सकती है.  उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर हमले के पीछे शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.  साथ ही उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से 15 वर्षों से चले आ रहे “आतंकराज” का अंत करेगी।वहीं पीड़ित सुमन सिन्हा ने आरोप लगाया कि उन पर हमला उन्हीं लोगों द्वारा कराया गया है, जिनकी राजनीतिक जमीन बाघमारा में लगातार खिसक रही है. उन्होंने कहा कि वे किसी भी धमकी या हमले से डरने वाले नहीं हैं और जनता के बीच पहले की तरह सक्रिय रहेंगे.