तीखे कांटों पर लेटकर भक्तों ने निभाई आस्था, पूर्वी टुंडी के बामनबाद गांव में दिखा भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम

तीखे कांटों पर लेटकर भक्तों ने निभाई आस्था, पूर्वी टुंडी के बामनबाद गांव में दिखा भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम

धनबाद (DHANBAD) : पूर्वी टुंडी प्रखंड के बामनबाद गांव में लोक आस्था का चार दिवसीय भोक्ता पूजा महापर्व श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हो गया. निर्जला एकादशी के अवसर पर आयोजित इस पारंपरिक पर्व में आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और बाबा धर्मराज के दरबार में पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.

भक्ति और विश्वास का अनोखा माहौल

चार दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में भोक्ता भक्तों ने कठिन तपस्या कर अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया. परंपरा के अनुसार भक्त अपने शरीर में तीखी कील और कांटे चुभाकर तथा कठिन व्रत रखकर भगवान की आराधना करते हैं. इस दौरान पूरे गांव में भक्ति और विश्वास का अनोखा माहौल देखने को मिला.

जयकारों से भक्तिमय हुआ माहौल

पूजा की शुरुआत सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने और पाट भोक्ता की पूजा से हुई. इसके बाद निर्जला एकादशी की शाम ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच भव्य गाजन यात्रा निकाली गई. यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे रास्ते बाबा धर्मराज के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा.

आस्था और विश्वास का प्रतीक

महापर्व का सबसे खास और रोमांचक दृश्य शुक्रवार तड़के मंदिर परिसर में देखने को मिला. यहां नुकीले कांटों और तीखे कीलों का बिछावन तैयार किया गया, जिस पर भोक्ता भक्त लेटकर अपनी कठिन साधना पूरी करते नजर आए. इस अद्भुत अनुष्ठान को देखने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. श्रद्धालुओं ने इस परंपरा को आस्था और विश्वास का प्रतीक बताया.

सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं

पूरे अनुष्ठान को मुख्य पुजारी मनोज बनर्जी ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया. उन्होंने बताया कि बाबा धर्मराज की सच्चे मन से पूजा करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. महापर्व के सफल आयोजन के बाद श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से इसी उत्साह के साथ शामिल होने का संकल्प लिया.

रिपोर्ट - नीरज कुमार