NEET परीक्षा केंद्र विवाद पर सियासी बवाल, प्रदेश कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

NEET परीक्षा केंद्र विवाद पर सियासी बवाल, प्रदेश कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

धनबाद (DHANBAD): जिले में नीट (यूजी) परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. नागपुर के एक स्टूडेंट को परीक्षा केंद्र आबू धाबी दिया गया था. अब इस मामले में राजनीतिक शुरु हो गई है. आवंटित किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. इस मुद्दे को लेकर धनबाद में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

रविवार को धनबाद में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शकील अहमद खान ने इस पूरे मामले को छात्रों के भविष्य से जुड़ी गंभीर लापरवाही बताया. उन्होंने कहा कि एक भारतीय छात्र को देश से हजारों किलोमीटर दूर स्थित आबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित होना सामान्य प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि व्यवस्था की बड़ी खामी को दर्शाता है. ऐसी घटनाएं लाखों छात्रों और अभिभावकों के भरोसे को कमजोर करती हैं.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में असफल साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान हैं. उनके अनुसार, इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. शकील अहमद खान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि जब परीक्षा प्रबंधन में इतनी बड़ी चूक सामने आई है, तब इसकी जवाबदेही तय होना आवश्यक है.

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि देश का युवा वर्ग इन घटनाओं को गंभीरता से देख रहा है. पार्टी नेताओं का कहना है कि बेरोजगारी, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती समस्याओं से युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है. कांग्रेस ने विश्वास जताया कि युवा मतदाता भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएंगे.

रिपोर्ट- नीरज कुमार