झारखंड के लिए गौरव के क्षण :क्यों ख़ुशी से झूम रहा आईआईटी (आईएसएम),क्या मिली है बड़ी उपलब्धि 

झारखंड के लिए गौरव के क्षण :क्यों ख़ुशी से झूम रहा आईआईटी (आईएसएम),क्या मिली है बड़ी उपलब्धि

धनबाद(DHANBAD) | आईआईटी (आईएसएम) को मिली एक बड़ी उड़ान। जनकारी के अनुसार आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने अपने 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में स्थान हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है.  यह संस्थान की वैश्विक पहचान और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. दुनिया की प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा रैंकिंग एजेंसी क्वाक्वारेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा जारी रैंकिंग के अनुसार आईआईटी (आईएसएम) धनबाद को 701-710 वैश्विक रैंक बैंड में स्थान मिला है.  रैंकिंग में शामिल 52 भारतीय संस्थानों में संस्थान को 21वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि सूचीबद्ध 13 आईआईटी में यह 11वें स्थान पर रहा।

निदेशक बोले -यह संस्थान  की ऐतिहासिक उपलब्धि----

इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा, “पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शामिल होना संस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है.  यह हमारे शिक्षकों, छात्रों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है.  यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर आईआईटी (आईएसएम) की बढ़ती शैक्षणिक और शोध क्षमता को दर्शाती है. कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की डीन प्रो. रजनी सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की शताब्दी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.  उन्होंने कहा, “क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पहली बार स्थान हासिल करना पूरे आईआईटी (आईएसएम) समुदाय के लिए गर्व का विषय है.  दूसरे शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहे संस्थान के लिए यह उपलब्धि शिक्षा, शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा का काम करेगी।”

शताब्दी  वर्ष में संस्थान  के नाम नई -नई उपलब्धि ----

संस्थान की इस सफलता में शोध कार्यों के प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग की अहम भूमिका रही है.  आईआईटी (आईएसएम) धनबाद को ‘साइटेशंस पर फैकल्टी’ श्रेणी में 87.3 अंक मिले हैं, जो इसके शोध कार्यों की गुणवत्ता और प्रभाव को दर्शाते हैं.  वहीं ‘इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क’ में संस्थान को 43.2 अंक प्राप्त हुए हैं, जो वैश्विक शोध साझेदारियों में इसकी बढ़ती भागीदारी को दिखाते हैं। इसके अलावा संस्थान को ‘सस्टेनेबिलिटी’ श्रेणी में 57.5 अंक मिले हैं।
यह उपलब्धि विषयवार क्यूएस रैंकिंग में संस्थान के बेहतर प्रदर्शन की कड़ी को आगे बढ़ाती है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2026 में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद को मिनरल एंड माइनिंग इंजीनियरिंग में भारत में पहला और दुनिया में 21वां स्थान मिला था। इसके अलावा पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में संस्थान 151-175 वैश्विक रैंक बैंड में रहा, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग पहली बार 501-575 वैश्विक रैंक बैंड में शामिल हुई। इससे पहले संस्थान को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: सदर्न एशिया 2026 में 110वां स्थान भी प्राप्त हुआ था।