धनबाद (DHANBAD): लगभग दो दशक तक एक ही परिवार की सुरक्षा में दिन-रात ड्यूटी करने वाले निजी गार्ड की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया है. 45 साल के गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों का आरोप है कि वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारी की मौत के बाद भी परिवार को न तो समय पर सूचना दी गई और न ही किसी तरह के मुआवजे का ऐलान किया गया. इसी को लेकर मृतक के परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और बंगले के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
मृतक की पहचान अनिल कुमार सिंह के रूप में हुई है. वह धनबाद के ठाकुर कुल्ही क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते थे, जबकि उनका पैतृक घर बिहार के आरा में बताया जा रहा है. परिवार के मुताबिक अनिल कुमार सिंह पिछले 19 साल से शहर के एक व्यवसायी के बंगले में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था. और वह लगभग चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहते थे
बताया जा रहा है कि बीती रात उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि मामले की जानकारी उन्हें काफी देर से दी गई, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई.
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग बंगले के बाहर पहुंच गए. परिजनों ने आरोप लगाया कि इतने साल से काम करने के बावजूद मालिक की ओर से आर्थिक सहायता या मुआवजे की बात नहीं की गई. जिस वजह से उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया और उचित मुआवजे के साथ न्याय की मांग करने लगे.
मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया. थाना प्रभारी मनोज पांडेय ने बताया कि मौत के कारणों की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई और मुआवजे की प्रक्रिया तय की जाएगी.
रिपोर्ट- नीरज कुमार

