धनबाद में कोयला चोरी : तस्करों की पीठ पर किसका हाथ, कोयला अधिकारियो के सामने आगे खाई -पीछे गड्ढा वाली हालत 

धनबाद में कोयला चोरी : तस्करों की पीठ पर किसका हाथ, कोयला अधिकारियो के सामने आगे खाई -पीछे गड्ढा वाली हालत

धनबाद(DHANBAD):  पिछले दो महीने में कतरास क्षेत्र में दो ऐसी घटनाएं हुई हैं , जो पुरी  सिस्टम  और कानून- व्यवस्था की पोल पट्टी खोल रही है.  दोनों  घटनाओं में बड़े कोयला अधिकारियों को टारगेट किया गया है. अप्रैल महीने में ब्लॉक दो क्षेत्र के महाप्रबंधक और महाप्रबंधक सुरक्षा पर दिन -दोपहर हमला कर दिया गया था.  उस समय बताया गया था कि हमलावरों ने अधिकारियों को अगवा करने की भी कोशिश की थी. हालांकि सीआईएसएफ की चौकसी की वजह से दोनों अधिकारी अगवा  नहीं हो सके थे. दरअसल, ब्लॉक दो क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने की जांच के लिए  जीएम  सिक्योरिटी और एरिया जीएम  पहुंचे थे और यह बात कोयला चोर और तस्करों को नागवार  गुजरी और अधिकारियों को भयभीत करने के लिए उन लोगों ने मारपीट और अपहरण करने की कोशिश की.  इस मामले में एफआईआर  भी दर्ज की गई थी. 

आखिर क्यों टारगेट किये गए बीसीसीएल के जीएम 
 
इधर, बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक  विष्णु कांत झा को भी टारगेट किया गया.  उनकी चतुराई और समझदारी से उनकी जान बच गई, लेकिन कोयला चोरों ने  चेतावनी दी है कि अगली बार के हमले में वह  नहीं बच पाएंगे।  आखिर कांटापहाड़ी पैच में कोयला चोरी रोकने के खिलाफ आखिर क्यों कोयला चोर इतने आक्रोशित  हो गए हैं.  कांटा पहाड़ी पैच  तो चर्चित जगह है.  इसके पहले  ब्लॉक दो में अधिकारियों पर हमला किया गया था.  तो क्या कोयला चोर यह  चाहते हैं कि उनके काम में कोई विघ्न -बाधा नहीं डाले।  आखिर कोयला चोरों को इतनी ताकत कहां से मिलती है? क्या उनकी पीठ पर कोई मजबूत हाथ है? एक बात यहां उल्लेखनीय है कि पिछले एक महीने से भी अधिक समय से कतरास इलाका कोयला के अवैध उत्खनन के लिए कुख्यात होता जा रहा है.  नेता आरोप- प्रत्यारोप कर  रहे हैं. 

कतरास इलाके में मशीन लगाकर कोयले की अवैध खुदाई  हो रही 

 आरोप  तो यह भी है कि कतरास इलाके में मशीन लगाकर कोयले की अवैध खुदाई की जा रही है.  इसके पहले भी कतरास इलाके में भू- धंसान  की घटनाएं हो चुकी हैं. कोयला तस्कर अपने में गोलीबारी भी कर रहे हैं.  दरअसल कोयला चोरी और तस्करी से संगठित गिरोह  इतना अधिक आर्थिक रूप से मजबूत हो गया है कि वह बीसीसीएल मैनेजमेंट को भी चुनौती दे रहा है.  अब तो कोयला अधिकारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने लगे है.  महाप्रबंधक विष्णु कांत झा ने पुलिस से की शिकायत में कहा है कि कोयला चोरी के खिलाफ एक्शन से बौखलाए कोयला तस्कर बिना नंबर प्लेट के चार पांच वाहनों  से उनकी गाड़ी को भेज कर चालक और सीआईएसएफ जवानों के साथ मारपीट की.  उनका कहना था कि कांटा पहाड़ी पैच  में कोयला चोरी रोकने की कोशिश की गई तो सीधे गोली मार देंगे।  

कोयला मंत्रालय के गंभीर होने के बाद एक्शन हुआ है तेज 

दरअसल, हाल के दिनों में कोयला मंत्रालय कोयला चोरी को लेकर गंभीर हुआ है.  वह सीआईएसएफ  को मजबूत किया है.  कोयला अधिकारियों को भी मैनेजमेंट ने टाइट किया है.  कोयला चोरी नहीं रोकने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही  है. ऐसे में कोयला अधिकारियों के सामने आगे खाई और पीछे गड्ढा वाली स्थिति उत्पन्न हो गई है.  कार्रवाई नहीं करेंगे तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है और कार्रवाई करने पर कोयला चोर हिंसक हो रहे है.