BCC में लोडिंग का खेल, कितना और कैसे हो रहा नुकसान ,क्या है रेलवे के नियम 

BCC में लोडिंग का खेल, कितना और कैसे हो रहा नुकसान ,क्या है रेलवे के नियम

धनबाद(DHANBAD): कोयला मंत्रालय से लेकर कोल इंडिया तक की नजर बीसीसीएल पर है.  इसकी वजह भी है, देश में उत्पादित कोकिंग  कोयले   का लगभग 50% कोयला बीसीसीएल से निकलता है.  कोकिंग कोल्  घरेलू इस्पात उद्योग के लिए महत्वपूर्ण रॉ मैटेरियल है.  इसलिए भी बीसीसीएल पर एक बार फिर कोयला मंत्रालय से लेकर कोल इंडिया तक की नजर गड़ी  हुई है.  बीसीसीएल पर कोयला उत्पादन और डिस्पैच का बड़ा दबाव है.  इस बीच बताया जाता है कि बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से रेलवे ट्रैक में कोयला अंडर  लोडिंग की जा रही है. 

कंपनी को हो रहा है बड़ा आर्थिक नुकसान 

 इससे कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.  एक आंकड़े के मुताबिक बीसीसीएल को एक महीने में 2 करोड़ से अधिक का पेनल्टी रेलवे को भुगतान करना पड़ा है.  तो क्या ओवरलोडिंग के डर  से रेलवे ट्रैक में अंडर  लोडिंग की जा रही है अथवा जितना कोयला उत्पादन का दावा किया जाता है, उतना कोयला उपलब्ध नहीं होता? क्या कन्वेयर, क्रशर या लोडिंग सिस्टम पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे  हैं? क्या इलेक्ट्रॉनिक वे ब्रिज  की कभी सुरक्षा ऑडिट हुई है? यह सब ऐसे सवाल हैं जो अब सामने आ गए हैं.  बीसीसीएल मैनेजमेंट इन  मामलों में गंभीर हो गया हैं. 

आखिर किन वजहों से रेलवे रैक में अंडर लोडिंग  है 
 
आखिर किन वजहों से अंडरलोडिंग हो रही है, यह पता लगाना कंपनी की प्राथमिक  सूची में आ गई है.  यह बात भी सच है कि बीसीसीएल में कोयले  का उत्पादन आउटसोर्स कंपनियों के भरोसे होता है.  तो क्या जितना कोयला उत्पादन का दावा किया जाता है, उतना उत्पादन होता नहीं है अथवा तकनीकी कारणों  से रेलवे ट्रैक में अंडरलोडिंग हो रही है.  दरअसल, रेलवे प्रत्येक वैगन और रैक  के लिए एक निश्चित क्षमता तय करता है.  जब किसी रैक  में निर्धारित क्षमता से कम कोयला भेजा जाता है, तो रेलवे इसे अंडरलोडिंग मानता है और इसके एवज में कंपनी से शुल्क वसूलता  है.  यदि निर्धारित मात्रा से कम कोयला भरकर रेलवे रैक  भेजा जाता है, तो रेलवे की परिवहन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता.  ऐसे में रेलवे के नियमों के अनुसार कंपनी को अंडरलोडिंग चार्ज देना पड़ता है.  अप्रैल महीने में बीसीसीएल को 2.23 करोड रुपए  भुगतान करना पड़ा है.