चाईबासा: बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर वार्ता विफल, संयुक्त यूनियनों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

चाईबासा (CHAIBASA): जिले में स्थित सेल (SAIL) की लौह अयस्क खदानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने को लेकर सोमवार को गुवा के एचआरडी (HRD) में प्रबंधन, प्रशासन और संयुक्त यूनियनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई. हालांकि, दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बन सकी और वार्ता पूरी तरह विफल रही. इसके बाद संयुक्त यूनियनों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक इस मामले पर न्यायालय का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक खदानों में बायोमेट्रिक व्यवस्था को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा.

इस महत्वपूर्ण बैठक में किरीबुरू के एसडीपीओ (SDPO) विनीत कुमार किंडो भी विशेष रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने सभी पक्षों से न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करने और आपसी संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की. इसके उलट, यूनियन नेताओं का तर्क था कि चूंकि यह पूरा मामला फिलहाल मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए अंतिम आदेश आने तक पुरानी हाजिरी व्यवस्था ही जारी रखी जानी चाहिए. यूनियन ने प्रबंधन पर बिना पूर्व सहमति के पंचिंग कार्ड और पुरानी हाजिरी व्यवस्था को समाप्त कर कर्मचारियों पर तानाशाही रवैये से नया नियम थोपने का आरोप लगाया है.

इसके साथ ही यूनियनों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन ने जबरन बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने का प्रयास किया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सेल का चक्का जाम कर दिया जाएगा. गौरतलब है कि सोमवार को पहली पाली से ही किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया लौह अयस्क खदानों में हजारों श्रमिकों ने बायोमेट्रिक से हाजिरी बनाने से साफ इनकार कर दिया. इसके कारण खदानों में उत्पादन, लोडिंग और परिवहन कार्य पूरी तरह ठप हो गए. फिलहाल प्रबंधन और यूनियनों के बीच गतिरोध गहराया हुआ है और सभी की नजरें न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं.

रिपोर्ट – संतोष वर्मा