मोहर्रम जुलूस से पहले पूरे देश मे अलर्ट, फ्लैग मार्च, ड्रोन और पुलिस फोर्स हर जगह तैनात

मोहर्रम जुलूस से पहले पूरे देश मे अलर्ट, फ्लैग मार्च, ड्रोन और पुलिस फोर्स हर जगह तैनात

टीएनपी(TNP): मोहर्रम जुलूस शुरू होने से पहले देश के कई राज्यों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. इस बार फोकस सिर्फ एक बात पर है कि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकले और कहीं भी कानून व्यवस्था बिगड़ने की नौबत न आए. उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस सड़कों पर नजर आ रही है, ड्रोन से निगरानी हो रही है और जगह-जगह फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है.

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ संदेश दिया है कि मोहर्रम के दौरान कानून से ऊपर कोई नहीं होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जुलूस पूरी तरह तय नियमों के मुताबिक निकले. हथियारों का प्रदर्शन, सड़क पर हंगामा या किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सरकार का कहना है कि पर्व आस्था के साथ मनाया जाए, लेकिन कानून का पालन हर हाल में जरूरी है.

संभल इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है. यहां प्रशासन ने सुरक्षा का बड़ा प्लान तैयार किया है. पूरे जिले को कई जोन और सेक्टर में बांटा गया है. हर ताजिए के साथ पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं. सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन पूरे जुलूस पर नजर रखेंगे. कंट्रोल रूम से हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग होगी. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जुलूस सिर्फ तय रास्तों से ही निकलेगा और किसी भी नए रूट की अनुमति नहीं दी जाएगी.

इस बार संभल में ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है. पहले कई ताजिए 30 से 40 फीट तक बनाए जाते थे, लेकिन अब अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय की गई है. शुरुआत में कुछ लोगों को इससे आर्थिक नुकसान की चिंता थी, लेकिन अधिकांश आयोजकों और कारीगरों ने कहा कि सुरक्षा सबसे पहले है और प्रशासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा.

अलीगढ़ से इस बार एक सकारात्मक पहल सामने आई है. यहां मुस्लिम समाज के लोगों ने मोहर्रम के दौरान बेवजह खून बहाने की बजाय रक्तदान करने की अपील की है. ब्लड डोनेशन कैंप लगाने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि जरूरतमंद मरीजों की मदद हो सके. इस पहल की कई लोगों ने सराहना की है.

बिहार के पूर्वी चंपारण में भी पुलिस और जिला प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अफवाह या गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके.

उत्तराखंड के जसपुर में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने ताजियों की ऊंचाई तय कर दी है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. वहीं राजस्थान के पाली में आग के करतब के दौरान एक युवक घायल हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करने की बात कही

कुल मिलाकर इस बार मोहर्रम को लेकर पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त दिखाई दे रही है. प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार पूरी शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था के साथ संपन्न हो और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की कोई गुंजाइश न रहे.