टीएनपी(TNP): पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने नए बजट में राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा कल्याणी में नए एयरपोर्ट के निर्माण की योजना को लेकर हो रही है. सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य को एक और बड़े एयरपोर्ट की जरूरत होगी. इसी सोच के साथ कल्याणी में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का प्रस्ताव रखा गया है.
कल्याणी, कोलकाता से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर तेजी से विकसित होता शहर है. शहर शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है. ऐसे में यहां एयरपोर्ट बनने से पूरे इलाके के विकास को नई गति मिल सकती है. सरकार इस परियोजना के लिए लगभग 1000 से 1500 एकड़ जमीन चिन्हित करने की तैयारी कर रही है.
पिछले कुछ वर्षों में कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है. बढ़ते दबाव के कारण भविष्य में एयर ट्रैफिक को संभालना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में कल्याणी में नया एयरपोर्ट बनने से कोलकाता एयरपोर्ट पर भार कम होगा और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा. कल्याणी में राज्य का एकमात्र एम्स अस्पताल स्थित है, जहां पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा और पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं. एयरपोर्ट बनने के बाद मरीजों और उनके परिजनों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी. साथ ही गंभीर मरीजों को एयर एंबुलेंस की सुविधा भी तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेगी.
नया एयरपोर्ट बनने से मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा. कई लोग बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के इलाकों से कल्याणी आते हैं. हवाई संपर्क बेहतर होने से ऐसे लोगों को काफी राहत मिलेगी. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
बजट में केवल कल्याणी ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी हवाई सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है. केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत पुरुलिया, मालदा और बालुरघाट में भी नए एयरपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है. वहीं कूचबिहार एयरपोर्ट के विस्तार की योजना भी सामने आई है, जिससे उत्तर बंगाल के लोगों को बेहतर हवाई सुविधाएं मिल सकेंगी.
सरकार ने इस दिशा में शुरुआती कार्यों के लिए धनराशि का भी प्रावधान किया है. साथ ही हासिमारा और कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशनों के विकास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है. इससे भविष्य में नागरिक और सैन्य दोनों तरह की विमान सेवाओं को फायदा मिल सकता है.
कुल मिलाकर देखा जाए तो कल्याणी एयरपोर्ट परियोजना सिर्फ एक नया हवाई अड्डा बनाने की योजना नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य विकास से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है. अगर यह योजना समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में कल्याणी पूर्वी भारत का एक जरूरी एयर कनेक्टिविटी केंद्र बन सकता है.
