हाय रे कलयुग ! दर्द से कराहते रहे पति-पत्नी और आम लूटते रहे लोग, वायरल वीडियो ने इंसानियत पर खड़ा किया सवाल  

मुजफ्फरपुर(MUJAFFARPUR):कहा जाता है कि जब लालच हद से ज्यादा बढ़ जाए तो आदमी जानवर से भी बदतर हो जाता है.अक्सर आप लोगों ने देखा होगा कि जब सड़क दुर्घटना में कोई घायल हो जाता है तो लोग उसकी मदद करते है.इंसानियत भी यही कहता है कि सबसे पहले जान बचाना ही परम धर्म है.क्योंकि जान से कीमती कुछ नहीं हो सकती,लेकिन कलयुग के इस दौर में लोग इतने लालची और स्वार्थी हो गए है कि लोगों को किसी के मरने से फर्क नहीं पड़ता है उन्हें बस मतलब है तो अपना स्वार्थ और लाभ पूरा करने से.

 दर्द से कराहते रहे पति पत्नी और आम लूटते रहे

दरअसल मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है.जहां आम से लदी एक पिकअप के पलटने के बाद लोग घायल कारोबारी और उसकी पत्नी की मदद करने के बजाय सड़क पर बिखरे आमों को लूटने में जुट गए. हादसे में गंभीर रूप से घायल आम कारोबारी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

पढ़िये कहा का है मामला

मधुबनी जिले के निर्मली थाना क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय अजय पासवान अपनी पत्नी संतरा देवी के साथ बंगाल से आम लादकर मुजफ्फरपुर आ रहे थे. जहां गायघाट थाना क्षेत्र के हनुमान नगर चौक स्थित एनएच-27 पर उनकी पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई. दुर्घटना में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए.स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के बाद सड़क पर बड़ी मात्रा में आम बिखर गए लेकिन घायलों की सहायता करने के बजाय बड़ी संख्या में लोग आम बटोरने और ले जाने में जुट गए.महिला और पुरुष दोनों सड़क पर बिखरे आमों को लूटने में जुटे नजर आए. इस दौरान घायल दंपति पिकअप में ही दर्द से कराहते रहे.

वायरल वीडियो ने इंसानियत पर खड़ा किया सवाल

घटना की सूचना मिलने पर गायघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायल पति पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा. अस्पताल में इलाज के दौरान अजय पासवान की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी संतरा देवी की हालत गंभीर बनी हुई है.गायघाट थाना प्रभारी ने बताया कि आम से लदी पिकअप के पलटने की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी. घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान अजय पासवान की मौत हो गई.घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग आम लूटने में व्यस्त हैं, जबकि दुर्घटना में घायल लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है.इस घटना ने समाज की संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है.