मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) : भोजपुर में हुए चर्चित पुलिस एनकाउंटर का मामला अब मानवाधिकार आयोग की चौखट तक पहुंच गया है. शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर कर निष्पक्ष जांच तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है.
निष्पक्ष जांच की मांग
जानकारी के अनुसार, भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की मौत हाल ही में पुलिस एनकाउंटर में हुई थी. इस घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. अब अधिवक्ता एस.के. झा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आयोग का दरवाजा खटखटाया है.
याचिका में कहा गया है कि एनकाउंटर की परिस्थितियों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए. इसके साथ ही एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की गई है. अधिवक्ता ने यह भी आग्रह किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या दोष सिद्ध होता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उचित मुआवजा देने की भी मांग
एस.के. झा ने अपनी याचिका में मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की है. उनका कहना है कि किसी भी नागरिक के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है तथा किसी भी संदिग्ध मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था की आवश्यकता है.
अधिवक्ता ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला मानवाधिकार उल्लंघन की गंभीर श्रेणी में आता है, इसलिए इसकी गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित पक्षों से जवाब तलब करेंगे और न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
सबकी नजरें टिकी
फिलहाल आयोग की ओर से याचिका पर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन मामले के मानवाधिकार आयोग तक पहुंचने के बाद इस एनकाउंटर की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. वहीं, मृतक के परिजन भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं.

