बिहार सरकार और पुलिस पर बयान देना पड़ा महंगा, मोतिहारी के सिपाही आशिष कुमार तिवारी निलंबित

बिहार सरकार और पुलिस पर बयान देना पड़ा महंगा, मोतिहारी के सिपाही आशिष कुमार तिवारी निलंबित

मोतिहारी  (MOTIHARI) : मोतिहारी में तैनात बिहार पुलिस के सिपाही आशिष कुमार तिवारी को सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक बयान देने के मामले में निलंबित कर दिया गया है. पुलिस ने उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है. विभाग का कहना है कि उनके आचरण से बिहार पुलिस की छवि प्रभावित हुई है.

इससे पुलिस की छवि प्रभावित हुई है.

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव से जुड़े एक प्रकरण में सोशल मीडिया पर वायरल हुए बयान की जांच के बाद की गई. जांच में पाया गया कि सिपाही ने अपने पद की गरिमा के विपरीत आचरण करते हुए बिहार पुलिस और बिहार सरकार के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. विभाग का मानना है कि इससे पुलिस की छवि प्रभावित हुई है.

विभागीय रिकॉर्ड पहले भी विवादों में रहा है

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि आशिष कुमार तिवारी का विभागीय रिकॉर्ड पहले भी विवादों में रहा है. वर्ष 2023 में हरपुर थाना में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और चाकू से हमला कर गृहरक्षक सुरेश राम को घायल करने का आरोप लगा था. उस मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत उन्हें एक कालांक की सजा दी गई थी और छह माह की वेतन वृद्धि भी रोक दी गई थी.

इसके बाद वर्ष 2024 में पिपराकोठी थाना में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन पर सरकारी पिस्टल से चौकीदार पंकज कुमार और एक पुलिस पदाधिकारी पर फायरिंग का प्रयास करने का आरोप लगा. इस मामले में पिपराकोठी थाना कांड संख्या 173/24 दर्ज किया गया था और न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है. विभागीय कार्रवाई के तहत उनकी दो वर्षों की वेतन वृद्धि भी रोक दी गई थी.

आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

ताजा मामले में पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र, मोतिहारी द्वारा जांच कराई गई. जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद सिपाही को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया. इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.