TNP DESK- बिहार के बहुचर्चित भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर जांच की जिम्मेदारी पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा को बिहार सरकार ने सौपीं है. जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। आइये , हम जानते हैं कि कौन हैं रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा। पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा बिहार में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. जानकारी के अनुसार 1983 में उन्होंने पटना लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद पटना हाईकोर्ट में वकालत शुरू की.
2020 में पटना उच्च न्यायालय से रिटायर्ड हुए-----
जानकारी के अनुसार वह पटना हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल और बिहार के विधि सचिव के पद पर भी काम कर चुके हैं. 2016 में पटना हाई कोर्ट में उन्हें जज नियुक्त किया गया. 2020 में वह पटना उच्च न्यायालय से रिटायर्ड हुए. बताया जाता है कि उनकी स्वच्छ छवि को देखते हुए नीतीश सरकार ने उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था. वह पटना उच्च न्यायालय में विभिन्न दीवानी और आपराधिक मामलों में वकालत की है.
1997 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने ----
1997 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में बिहार उच्च न्यायिक सेवा में शामिल हुए. लोग बताते हैं कि पदोन्नति से पहले 2014 से पटना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत थे. सम्राट चौधरी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट में इसका निर्णय लिया . कैबिनेट ने इस घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एबिहार भरत तिवारी एनकाउंटर : कौन हैं रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा, जिन्हें मिली है जांच की जिम्मेवारीक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच आयोग बनाने का के प्रस्ताव को मंजूरी दी. जांच की जिम्मेदारी पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा को सौंप गई है. आयोग इस बात का पता लगाने के लिए जांच करेगा कि क्या भरत तिवारी की मौत आत्मरक्षा में की गई पुलिस फायरिंग का नतीजा था या पहले से रची गई साजिश के तहत किया गया फर्जी एनकाउंटर

