प्राइवेट केबिन में चलता है घिनौना खेल, 300 से 800 रुपये में ले सकते हैं..... जानिए क्यों मचा कैफे कल्चर पर बवाल

प्राइवेट केबिन में चलता है घिनौना खेल, 300 से 800 रुपये में ले सकते हैं..... जानिए क्यों मचा कैफे कल्चर पर बवाल

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): कैफे में प्राइवेट केबिन का चलन, कोई नई बात नहीं है. अमूमन लोगों की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए केबिन बनाए जाते हैं. पर क्या आप ऐसे केबिन के बारे में जानते हैं जहां अश्लीलता का गंदा खेल चलता है. दरअसल महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक रेप मामले के सामने आने के बाद देश के कई कैफे विवादों के केंद्र में आ गए हैं. यहाँ युवती की शिकायत के बाद इन कैफे में संचालित गतिविधियों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं. ऐसे में मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक सामाजिक संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ कैफे में युवा जोड़ों के लिए बंद और निजी केबिन उपलब्ध कराए जाते हैं, जहां घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाता है.

जानकारी के अनुसार, विश्रामबाग पुलिस थाने में दर्ज एक युवती की शिकायत के बाद संबंधित कैफे की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है. आरोप है कि कुछ कैफे में केवल खानपान की व्यवस्था नहीं है, बल्कि वहां पर्दों और पार्टिशन से अलग किए गए निजी केबिन भी उपलब्ध कराए जाते हैं. दावा किया गया है कि इन केबिनों के उपयोग के लिए ग्राहकों से 300 से 800 रुपये प्रति घंटे तक शुल्क लिया जाता है. संगठन का कहना है कि ऐसी व्यवस्थाएं लंबे समय से संचालित हो रही थीं, लेकिन इस पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी गई.

मामले को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने कुछ कैफे का निरीक्षण भी किया. उनका दावा है कि जांच के दौरान वहां मौजूद डस्टबिनों से इस्तेमाल किए गए कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं के पैकेट मिले. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं. विवाद तब और बढ़ गया जब संगठन ने कुछ कैफे में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी सवाल उठाए. आरोप लगाया गया कि कुछ कैमरे ऐसे स्थानों पर लगाए गए थे, जहां ग्राहकों की निजी गतिविधियां रिकॉर्ड होने की आशंका थी. संगठन ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में रिकॉर्ड किए गए वीडियो का गलत इस्तेमाल कर युवतियों को ब्लैकमेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की जाती थी. हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है.

ऐसे में आरोप है कि पहले कुछ समय के लिए ऐसे कैफे पर नियंत्रण किया गया था, लेकिन बाद में गतिविधियां फिर शुरू हो गईं. विश्रामबाग पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक ने जानकारी दी थी कि युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही मांग की है कि शहर के सभी संदिग्ध कैफे की व्यापक जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.