धनबाद (DHANBAD) - सिजुआ के 22 \12 बस्ती में बुधवार की देर शाम जमीन फटने की घटना कोयलांचल के लिए कोई पहली घटना नहीं है. बीसीसीएल प्रबंधन और डीजीएमएस इलाके को डेंजर जोन घोषित कर अपनी जिम्मेवारी से मुक्त हो जाता है लेकिन वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित कैसे और कहां पुनर्वासित किया जाए ,इस पर जमीनी ढंग से कोई काम नहीं होता है. 22 \12 बस्ती भी पहले से डेंजर जोन घोषित है.  

धसान की लगातार हो रही घटनाएं 

नतीजा है कि गोफ बनते रहते हैं, जीवित लोग उसमें जान गवाते रहते हैं. 22\ 12 बस्ती भी पहले से ही डेंजर जोन घोषित है. लोगों की बातों पर भरोसा करें तो इसी बस्ती से सटी तेतुलमुडी बस्ती में 2 महीना पहले जोरदार आवाज के साथ गोफ बने थे. गोफ 20 फीट गहरा था, इसके पहले भी वहां जमीन फटी थी, जिससे एक दो मंजिला मकान ढह गया था और लोग बाल-बाल बच गए थे. बुधवार देर शाम की घटना में 22 \12 बस्ती की मस्जिद का लगभग आधा हिस्सा जमीन में समा गया है.  

गनीमत थी कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था

यह तो गनीमत थी कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था अन्यथा बहुत बड़ी घटना हो सकती थी. ग्रामीणों की माने तो 70 के दशक में बीसीसीएल प्रबंधन ने कोयला खनन के लिए 6 \ 10 बस्ती को खाली कराकर ग्रामीणों को 22 \12 बस्ती में पुनर्वास किया था. बस्ती की आबादी अभी भी डेढ़ हजार के आसपास है.  कल की घटना के संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि संयोग अच्छा था कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था. जानकार बताते हैं कि घटना के कुछ देर पहले लोगों ने मस्जिद में नमाज अदा की थी.

इलाके की बांस बल्ली से घेराबंदी 

घटना की आवाज इतनी तेज थी कि लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल गए. सूचना के अनुसार धसान की घटना में मस्जिद का जनरेटर, माइक सेट ,डेकोरेटर के सामान ,बर्तन आदि जमीन में समा गए है. लोगों ने घटना की सूचना बीसीसीएल प्रबंधन और जोगता पुलिस को दी. सूचना पाकर बीसीसीएल के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बांस बल्ली लगाकर घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है. घटना को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने बगल में चल रही आउटसोर्सिंग कंपनी का काम को बंद करा दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि बेतरतीब ढंग से आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कोयला निकालने के कारण ही यह घटना घटी है.

रिपोर्ट : सत्याभूषण सिंह, धनबाद