दुमका (DUMKA) में बिजली विभाग द्वारा ईएमडी इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के अधीन आउट सोर्सिंग पर कार्य करने वाले ऊर्जा मित्रों को तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने से ऊर्जा मित्र नाराज हैं. उनकी नाराजगी का आलम यह है कि बुधवार को कंपनी के देवघर अंचल के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर कौशव चंद्र को घंटो रोके रखा. कंपनी के वरीय अधिकारियों से टेलीफोन पर हुई वार्ता और 15 दिनों के आश्वसन के बाद कौशव चंद्र को जाने दिया.

वर्ष 2017 में 300 ऊर्जा मित्रों की गई थी बहाली

वर्ष 2017 में ईएमडी इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को दुमका में कार्य मिला. कंपनी द्वारा लगभग 300 ऊर्जा मित्रों की बहाली की गई. शुरुवात में सब कुछ ठीक ठाक रहा लेकिन समय बीतने के साथ साथ ऊर्जा मित्रों का मानदेय अनियमित होने लगा. अब ईएमडी के बदले दूरसे कंपनी से विभाग का करार हो गया. दूसरी कंपनी जिले में कार्य कर रही है, लेकिन अधिकांश ऊर्जा मित्रों को तीन  महीने का मानदेय नहीं मिला है.

15 दिनों के अंदर बकाया मानदेय के भुगतान का आश्वासन

 बुधवार को ईएमडी कंपनी के देवघर अंचल के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर दुमका बिजली विभाग पहुंचे थे. ऊर्जा मित्रों को जब इसकी भनक लगी तो ऊर्जा मित्रों ने उन्हें रोक लिया. बकाया मानदेय का भुगतान की मांग करने लगे. संकट देख कौशव चंद्र ने वरीय अधिकारी से बात की. वरीय अधिकारी से टेलीफोन पर हुई वार्ता के बाद उन्हें जाने दिया गया. इस बाबत कौशव चंद्र का कहना है कि कंपनी का लगभग 12 करोड़ रुपए बिजली विभाग के पास है. राशि के अभाव में ऊर्जा मित्र को मानदेय नहीं दिया जा सका. मौके पर उन्होंने कहा कि ऊर्जा मित्र के पास कंपनी का प्रिंटर है. ऊर्जा मित्र उसे जमा कर दें. जिसके बाद 15 दिनों के अंदर प्रिंटर जमा करने वाले ऊर्जा मित्र को बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा.

रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका