अपराध में कुख्यात झरिया को पछाड़ बाघमारा आगे क्यों, यहां किनके इशारे पर फूटते हैं बम

    अपराध में कुख्यात झरिया को पछाड़ बाघमारा आगे क्यों, यहां किनके इशारे पर फूटते हैं बम

    धनबाद(DHANBAD)  माफिया नगरी झरिया की बूढ़ी हड्डियों का फायदा उठाकर कतरास अब उसी राह पर उससे आगे निकल गया है. झरिया की धरती पर एक समय महात्मा गांधी,जवाहरलाल नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, अटल बिहारी बाजपयी तक पधारे थे. बापू को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए ब्लेंक चेक मिला था, वह धरती धीरे धीरे अपराध और कपटी राजनीति से घिर गई. फिर तो यहां गोली ,बंदूक की राजनीति शुरू हो गई, जो आज भी जारी है लेकिन इसका वेग धीमा जरूर हो गया है. दूसरी तरफ झरिया जैसे जैसे कमजोर हुई, बाघमारा कतरास का कद अपराध में बढ़ने लगा. यह धरती भी दानवीरों और समाजसेविओं की जमीन थी. स्वतंत्रता आंदोलन के समय कतरास थाने पर ही झंडा फहराने का प्रयास हुआ था, लेकिन आज बाघमारा की धरती अपराध ,गोली बम ,खूनखराबे में झरिया पर लगातार भारी पड़ रही है. कोलियारियों में मुंशीगिरी की आड़ में आउटसोर्सिंग कंपनियों पर कब्जे को लेकर रोज मार काट हो रही है.

    सत्यदेव और सकलदेव रहते थे कतरास में कथित

    माफिया की ख्याति पाए सत्यदेव सिंह और सकलदेव सिंह इसी कतरास में रहते थे. फिर भी आम लोगों को कम से कम कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अभी का कतरास पूरी तरह से अशांत हो गया है. ऑउटसोर्सिंग कंपनियों व कोल डंपों पर वर्चस्व के लिए गोली बम व दिनदहाड़े फायरिंग का खुला खेल खेला जा रहा है.

    जलेश्वर,विजय अब चुप क्यों-ढुल्लू

    बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो कह रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों में बाघमारा क्षेत्र में 37 बार गोली-बम चले. लेकिन उनके प्रतिद्वंदी जलेश्वर महतो, विजय झा चुप हैं. भाजपा शासन काल  में तो इनलोगो ने खूब सवाल किया लेकिन अब उनके मुंह में दही जम गया है. उन्होंने सवाल किया है कि इन घटनाओं के पीछे किन लोगों का हाथ है. सुरक्षा में कटौती किए जाने से नाराज़ ढुल्लू महतो ने हाल ही में प्रेस वार्ता कर अपनी जान पर खतरा बताया था. साथ ही कहा है कि एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा करना सरकार का काम है. अगर उनकी सुरक्षा घटने के बाद कुछ होता है तो इसकी जवाबदेही सरकार की होगी.

    9 निजी हथियार के बावजूद खतरा कैसा-विजय झा

    विधायक के सवाल पर बियाडा के पूर्व अध्यक्ष सह सामजसेवी विजय झा ने प्रतिप्रश्न करते हुए पूछा  है कि अगर विधायक की सुरक्षा बढ़ाने से बाघमारा शांत हो सकता है तो वे ड्रोन व पैटन टैंक से लैस सुरक्षा की मांग सरकार से करेंगे. विधायक के परिवार वालो के पास 9 लाइसेंस वाले हथियार हैं और सुरक्षा घटने पर भी 3 सरकारी सुरक्षा कर्मी हैं. विधायक को यह भी बताना चाहिए कि गांधी प्रखंड का दर्जा प्राप्त बाघमारा आज इतना अशांत क्यों है और इसके पीछे किसका हाथ है.अपने निजी लाभ के लिए गोली-बम कौन चलवाता है.

    रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद

     


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