टीएनप डेस्क (TNP DESK): अगर आप रोजाना दवाइयों पर निर्भर हैं या घर में बुजुर्गों के लिए नियमित मेडिसिन रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. देशभर के करीब 12 लाख दवा विक्रेताओं ने 20 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के बढ़ते कारोबार और सरकार की नई दवा नीति के विरोध में केमिस्ट संगठनों ने मेडिकल स्टोर बंद रखने का फैसला लिया है.
केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ई-फार्मेसी सेक्टर के लिए अब तक कोई स्पष्ट और सख्त नियम नहीं बनाए गए हैं. उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट देकर छोटे दुकानदारों का व्यापार प्रभावित कर रहे हैं. साथ ही बिना वैध डॉक्टर पर्चे के दवाइयों की बिक्री से लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है.
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 16 मई से होगी. 16 से 19 मई तक दवा दुकानदार अपने हाथों में काला बिल्ला बांधकर ग्राहकों को अपनी मांगों और आंदोलन के बारे में जानकारी देंगे. वहीं 19 मई की रात से थोक और खुदरा मेडिकल दुकानों के शटर गिरने शुरू हो जाएंगे. 20 मई को निजी मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहने की संभावना है.
केमिस्ट एसोसिएशनों ने मरीजों से अपील की है कि जो लोग ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज या अन्य गंभीर बीमारियों की नियमित दवा लेते हैं, वे पहले ही जरूरी दवाओं का स्टॉक खरीद लें ताकि किसी परेशानी का सामना न करना पड़े. हालांकि सरकारी अस्पतालों के अंदर संचालित दवा केंद्र खुले रह सकते हैं. दवा व्यापारियों की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करना, छोटे व्यापारियों के हितों की सुरक्षा और नकली दवाओं की रोकथाम के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था शामिल है.

