इबोला वायरस से लेकर असम पॉलिटिक्स तक, जाने देश-विदेश की प्रमुख खबरें

    इबोला वायरस से लेकर असम पॉलिटिक्स तक, जाने देश-विदेश की प्रमुख खबरें
    1. भीषण गर्मी और जल संकट का प्रकोप, देश के कई राज्यों में हाहाकार

    भारत के कई राज्य इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. अत्यधिक गर्मी के कारण पानी की मांग बढ़ गई है, जिससे कई शहरों में गंभीर जल और बिजली संकट पैदा हो गया है. लोग पानी के टैंकरों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं. कई इलाकों में बोरवेल सूख चुके हैं और बिजली की भारी कटौती के कारण पानी की मोटरें भी काम नहीं कर पा रही हैं. प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है.

    1. इबोला वायरस को लेकर भारत में हवाई अड्डों पर जांच शुरू

    इबोला वायरस के बढ़ते वैश्विक खतरे को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेश से आने वाले यात्रियों की कड़ाई से थर्मल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी है. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि भारत में अब तक इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है. सभी राज्यों के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रहने और आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.

    1. महाराष्ट्र में दर्दनाक सड़क हादसा, 800 फीट गहरी खाई में गिरी कार, 8 की मौत

    महाराष्ट्र के लातूर-अंबाजोगाई मार्ग के पास एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है. एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी करीब 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. इस भीषण दुर्घटना में कार में सवार सभी 8 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे. खाई की गहराई बहुत अधिक होने के कारण शवों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी और रस्सियों की मदद से उन्हें ऊपर खींचा गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है.

    1. असम विधानसभा में बड़ा कदम, समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित

    असम सरकार ने राज्य में एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को पारित कर दिया है. इस नए कानून के लागू होने से राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति के अधिकार और उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक समान नियम लागू होंगे, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो. मुख्यमंत्री ने इसे राज्य में सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता बढ़ावा देने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया है. हालांकि, विपक्ष इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहा है और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है.

    1. जल जीवन मिशन को लेकर झारखंड की हर पंचायत 2028 तक होगी 'हर घर जल' प्रमाणित

    झारखंड में ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक बड़ा समझौता (MoU) हुआ है. इस योजना के तहत साल 2028 तक झारखंड की प्रत्येक ग्राम पंचायत को 'हर घर जल' प्रमाणित बनाने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में इस प्रोजेक्ट के लिए कई ढांचागत, नीतिगत और डिजिटल सुधारों का खाका तैयार किया गया है. इसके साथ ही सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मियों में किसानों को पानी की समस्या न हो.



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