कौन है कार्तिक उरांव जिनके नाम रखा गया सिरम टोली फ्लाईओवर का नाम, समझिए इसके पीछे की राजनीति

    कौन है कार्तिक उरांव जिनके नाम रखा गया सिरम टोली फ्लाईओवर का नाम, समझिए इसके पीछे की राजनीति

    TNP DESK- झारखंड के लोगों को सिमर टोली फ्लावर की सौगात मिल चुकी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते कल सिमर टोली फ्लाईओवर का उद्घाटन किया. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि सिरमटोली फ्लाईओवर को कार्तिक उरांव पथ के नाम से जाना जाएगा. अब ऐसे में कई लोगों के मन में उत्सुकता होगी कि आखिर सिरम टोली फ्लावर का नाम कार्तिक उरांव पथ क्यों रखा गया. कार्तिक उरांव कौन है ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है.

    कौन हैं कार्तिक उरांव

    आपको बता दे की आदिवासी समुदाय में कार्तिक उरांव एक प्रमुख नेता के नाम से जाने जाते हैं. जिन्होंने आदिवासी समुदाय के अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए काफी संघर्ष किया. वे एक प्रमुख भारतीय राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी, और आदिवासी नेता थे, जिन्हें झारखंड के आदिवासियों के मसीहा और “छोटानागपुर का काला हीरा” के रूप में जाना जाता है. उन्होंने आदिवासियों की जमीन लूट के खिलाफ आंदोलन भी. 

    कार्तिक उरांव झारखंड के गुमला जिले के करौदा लिटाटोली गांव के रहने वाले थे. कार्तिक उरांव ने विदेश से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने HEC ज्वाइन किया और वहां नौकरी कर रहे थे. लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ राजनीति में कदम रखा. वे तीन बार सांसद और एक बार विधायक भी बने. इस दौरान उन्होंने आदिवासियों के हक के लिए और उनके अस्मिता की रक्षा के लिए काफी संघर्ष किया. इतना ही नहीं वह प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी सलाहकार में से भी एक थे. उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी सुमती उरांव 1981 में लोहरदगा से सांसद बनीं. उनकी बेटी गीताश्री उरांव भी राजनीति में सक्रिय रहीं. गीता श्री उड़ाव झारखंड में शिक्षा मंत्री रह चुकी हैं.

    सिमर टोली फ्लावर का नाम आदिवासी नेता के नाम पर रखे जाने के पीछे राजनीति

    सिरम टोली फ्लावर का नाम आदिवासी नेता कार्तिक उरांव के नाम पर रखे जाने के पीछे कई राजनीतिक कारण भी है. आपको बता दे की  फ्लाईओवर को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था. फ्लाईओवर का रैंप सरना स्थल के पास गिरने के कारण आदिवासियों में काफी आक्रोश था. ऐसे में सिरम टोली फ्लाईओवर का नाम आदिवासी नेता कार्तिक उरांव के नाम पर रखने के पीछे कई राजनीतिक कारण है. ऐसा करके सीएम ने आदिवासी समुदाय के बीच समर्थन जुटाना और उनकी सांस्कृतिक पहचान को सम्मानित करने का काम किया है.

    दूसरा कारण यह है कि झारखंड की राजनीति में आदिवासी समाज का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है. ऐसे में सीएम ने विवादों से घिरे फ्लाईओवर का नाम आदिवासी नेता के नाम पर रखकर आदिवासी वोट बैंक को फिर से आकर्षित करने का काम किया है.  ऐसा करके  आदिवासियों को साधने का काम किया है. क्योंकि आदिवासी समाज ही इस फ्लाईओवर का विरोध कर रहे थे ऐसे में अगर फ्लाईओवर का नाम आदिवासी नेता के नाम पर रखा गया तो ये सीएम का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक है. वही सीएम ने यह भी कहा कि फ्लाईओवर का नाम कार्तिक उरांव के नाम पर रखकर वह अपने पूर्वजों को सम्मान दे रहे हैं. 

     

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news