रांची (RANCHI): राजधानी में एक दुर्लभ प्रजाति के सांप ‘रेड सैंड बोआ’ का सफल रेस्क्यू किया गया है. यह घटना तब सामने आई, जब स्थानीय लोगों की नजर इस अनोखे सांप पर पड़ी. सांप को देखते ही आसपास के लोगों में हलचल मच गई और तुरंत स्नेक कैचर को सूचना दी गई.
सूचना मिलते ही स्नेक कैचर मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी के साथ सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया. रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि न तो सांप को कोई नुकसान हो और न ही वहां मौजूद लोगों को कोई खतरा पहुंचे. सफलतापूर्वक पकड़ने के बाद इस सांप को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया, जहां विशेषज्ञ इसकी निगरानी करेंगे.
जानकारी के अनुसार, ‘रेड सैंड बोआ’ एक बेहद दुर्लभ प्रजाति का सांप है, जो सामान्यतः राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों और उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा क्षेत्रों में पाया जाता है. हालांकि देश के अन्य हिस्सों में भी यह कभी-कभी दिखाई देता है, लेकिन इसकी संख्या काफी सीमित मानी जाती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सांप पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह छोटे जीवों जैसे चूहों और छिपकलियों को खाकर उनकी संख्या नियंत्रित करता है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित रहता है.
स्नेक कैचर रमेश के अनुसार, यह प्रजाति आमतौर पर आक्रामक नहीं होती और इंसानों पर हमला करने की संभावना बेहद कम रहती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे वन्यजीवों को देखकर घबराएं नहीं और उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों को सूचना दें.
गौरतलब है कि ‘रेड सैंड बोआ’ को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित किया गया है. इसके शिकार, पकड़ने या तस्करी को कानूनन अपराध माना गया है. ऐसे में रांची में इस दुर्लभ सांप का सुरक्षित रेस्क्यू वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.
Thenewspost - Jharkhand
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