रांची (RANCHI): राजधानी रांची में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच अब लोगों ने पाइप्ड नैचुरल गैस यानि की PNG पर निर्भर होना शुरू कर दिया है. पर जमीनी हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब भी गैस सप्लाई का इंतजार कर रहे हैं. शहर में करीब 78,000 घरों तक PNG के लिए बुनियादी ढांचा तैयार हो चुका है, मगर इनमें से लगभग 54,000 घरों में अब तक गैस नहीं पहुंच पाई है.
कई इलाकों में स्थिति ऐसी है कि किचन तक पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन सप्लाई शुरू नहीं होने से कनेक्शन सक्रिय नहीं हो पा रहे. तकनीकी अड़चनें, विभागीय मंजूरी में देरी और मैनपावर की कमी इस समस्या की मुख्य वजह बताई जा रही है. स्थानीय निवासी कुमुद झा के अनुसार, उनके घर में तीन साल पहले ही पाइपलाइन लग गई थी, लेकिन अब तक गैस चालू नहीं हुई.
GAIL ने शहर के करीब 24,000 घरों में गैस सप्लाई शुरू कर दी है, लेकिन इनमें से सिर्फ 18,000 उपभोक्ता ही नियमित रूप से इसका उपयोग कर रहे हैं. शेष 6,000 घरों में या तो लोग नहीं रहते या फिर किरायेदारों के कारण कनेक्शन चालू नहीं कराया गया है.
फिलहाल रोजाना 60 से 75 नए PNG कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जबकि लक्ष्य 200 से 300 कनेक्शन प्रतिदिन देने का है. पिछले 15 दिनों में करीब 900 कनेक्शन जारी किए गए हैं. इस काम के लिए 20 एजेंसियां लगी हुई हैं, लेकिन पर्याप्त कर्मियों की कमी के कारण काम की रफ्तार धीमी है.
शहर के कई बड़े आवासीय इलाकों में अब भी PNG सुविधा अधूरी है. सेल सिटी के 1808 फ्लैट, बोड़ेया रोड के एसोटेक हिल्स समेत कई अपार्टमेंट्स में अब तक गैस कनेक्शन शुरू नहीं हो पाया है. वहीं पुलिस लाइन कांके, लालपुर, टाटीसिल्वे, किशोरगंज और बूटी मोड़ जैसे क्षेत्रों में भी काम अधूरा है.
अधिकारियों के मुताबिक, बरियातू, हरमू, अशोक नगर, धुर्वा और नामकुम सहित कई इलाकों में नेटवर्क सक्रिय किया जा चुका है, जबकि अन्य क्षेत्रों में काम जारी है. आने वाले समय में पाइपलाइन विस्तार से हजारों और घरों तक PNG पहुंचाने की योजना है, लेकिन जब तक सप्लाई और वितरण की रफ्तार नहीं बढ़ेगी, तब तक उपभोक्ताओं की परेशानी बनी रह सकती है.
Thenewspost - Jharkhand
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