झारखंड बंद: सरना झंडा लेकर सड़क पर उतरे बंद समर्थक, सिरमटोली रैंप विवाद का दिखा मिलाजुला असर

    झारखंड बंद: सरना झंडा लेकर सड़क पर उतरे बंद समर्थक, सिरमटोली रैंप विवाद का दिखा मिलाजुला असर

    रांची(RANCHI): आज एक बार फिर राजधानी रांची की सड़कें सुनसान नजर आ रही है. आज 4 जून है, और राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में आज बंद का आवाहन किया गया है. इससे पहले बीती शाम सरना धर्मावलंबियों ने राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मशाल जुलूस भी निकाल था, वहीं आज पूरे झारखंड, खासकर राजधानी रांची में कई जगह बंदी का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है. रांची सहित कई जिलों के चौक चौराहों पर टायर जलाकर लोग सड़कों पर बैठे नजर आ रहे है. साथ ही हाथों में सरना झंडा और ज़बान पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी बखूबी नजर आ रही है. वहीं आज राज्य में CUET परीक्षा भी है, ऐसे में पहले स्टूडेंट्स को भी रोका जा रहा था, लेकिन ऐडमिट कार्ड दिखने के बाद उन्हें जाने दिया जा रहा है. 

    बता दें आज झारखंड बंद का आवाहन राज्य के तमाम आदिवासी संगठनों के द्वारा किया गया है, जिन्होंने सिरमटोली फ्लाइओवर विवाद को लेकर उग्र प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है. ऐसे में बंद समर्थक सड़कों पर उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं. वहीं, बाजारों मे कुछ को छोड़कर बाकी दुकानें खुली देखी जा रही है. हालांकि ग्रामीण इलाकों मे बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है. ग्रामीण इलाकों मे ज्यादातर दुकाने बंद देखी जा रही है.

    इधर, रांची मे बंद का नेतृत्व कर रही गीता श्री उरांव ने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार विकास के नाम पर आदिवासी धार्मिक स्थलों को तोड़ रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस बारे मे कई बार चेताया लेकिन, राज्य सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य मे पेसा क़ानून लागू नहीं होने से आदिवासी हितों की अनदेखी हो रही है. आज राज्य मे आदिवासी बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इन्हीं सब मुद्दों को लेकर वे आंदोलन करने को बाध्य हैं.



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