क्या सारंडा में घिर चुका है मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा? सुरक्षा बलों की घेराबंदी से जंगल में सन्नाटा

    क्या सारंडा में घिर चुका है मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा? सुरक्षा बलों की घेराबंदी से जंगल में सन्नाटा

    चाईबासा (CHAIBASA): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित घने सारंडा जंगल एक बार फिर सुर्खियों में है. यहां मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते और सुरक्षाबलों के बीच पिछले तीन दिनों से मुठभेड़ चल रही है. मिसिर अपने दस्ते के साथ पूरी तरह से घिर चुका है और रह रह कर सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर रहा है. जवाब में सुरक्षा बलों द्वारा भी जवाबी फायरिंग की जा रही है. हालांकि फिलहाल मुठभेड़ रुकी हुई है. लेकिन मिसिर अपने दस्ते के साथ जंगल में पूरी तरह घिर चुका है. 1500 से अधिक जवानों ने घेराबंदी कर दी है. खुफिया इनपुट मिलने के बाद मिसिर और उसके दस्ते को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाया जा रहा है. दस्ते को खत्म करने के लिए सुरक्षा बल तकनीक का भी सहारा ले रहा है.

    चडराडेरा जंगल में घिरा है मिसिर
    मिसिर और उसका दस्ता छोटानागरा थाना क्षेत्र के बालिबा गांव के पास चडराडेरा जंगल में घिरा है. यहां स्थित एक पहाड़ी पर से मिसिर अपने दस्ते के साथ सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर रहा है. दस्ते में 70 से अधिक नक्सली है. सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ चडराडेरा जंगल में सक्रिय है. इसके बाद झारखंड पुलिस, कोबरा बटालियन और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया. इसी बीच पहाड़ी के पास पहुंचने पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षाबलों द्वारा भी जवाबी फायरिंग की गई. हालांकि इसमें 6 जवान घायल हो गए. सुरक्षाबलों द्वारा किए गए फायरिंग से नक्सलियों की मौत या घायल होने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. 

    भागने के सारे रस्ते शील
    सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर रखा है. इसके साथ ही वो सभी रस्ते शील कर दिए गए है, जहां से नक्सलियों के भागने की संभावना है. इसके कारण मिसिर अपने दस्ते के साथ पहाड़ी से निकल नहीं पा रहा है. ड्रोन से भी नक्सलियों की निगरानी की जा रही है. सारंडा के बाबूडेरा, दलाईगेड़ा, बालिबा को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है. लेकिन यहां सुरक्षाबलों की भारी तैनाती ने नक्सलियों की मुश्किलें बढ़ा दी है. हालांकि जगह-जगह आईडी बिछे होने के कारण सुरक्षाबल भी जंगल में फूंक-फूंक कदम रख रहे है. जिस पहाड़ी पर मिसिर अपने दस्ते के साथ ठहरा है उसके चारों ओर आईडी बिछे है. इसकी चपेट में आकर जवान घायल भी हुए है. आइडी के कारण सुरक्षाबलों को पहाड़ी पर चढ़ने में परेशानी हो रही है. 

    इलाके में पसरा है सन्नाटा
    पिछले कुछ दिनों से इलाके में सुरक्षा बलों की आवाजाही काफी बढ़ गई है. जंगल के रास्तों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग घरों से कम ही बाहर निकल रहे हैं. मुठभेड़ के कारण ग्रामीण जंगल भी नहीं जा रहे हैं. मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा है और उस पर कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल होने का आरोप है. वह झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहा है और सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वाकई इस बार मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा सुरक्षा घेरे में फंस चुका है या फिर वह एक बार फिर जंगल का फायदा उठाकर निकलने में कामयाब होगा. 



    Related News