रांची(RANCHI): झारखंड के होमगार्ड विभाग में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और जवानों के कथित उत्पीड़न से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. लातेहार जिले में कंपनी कमांडर के पद पर कार्यरत रहे और वर्तमान में होमगार्ड निरीक्षक बने प्रकाश रंजन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस संबंध में रांची के धुर्वा निवासी राजीव कुमार तिवारी ने मुख्यमंत्री सचिवालय और होमगार्ड मुख्यालय को पत्र भेजकर मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लातेहार में पदस्थापना के दौरान प्रकाश रंजन ने विभागीय नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से काम किया. होमगार्ड जवानों का आरोप है कि ड्यूटी लगाने और तैनाती देने के बदले उनसे अवैध रूप से पैसे मांगे जाते थे. इतना ही नहीं, कई जवानों के साथ अपमानजनक व्यवहार भी किया गया. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि एक जवान से पैसे की मांग करते हुए कथित तौर पर कहा गया कि “जरूरत पड़े तो किडनी बेचकर पैसा लेकर आओ.”
आरोप है कि ड्यूटी रोस्टर और तैनाती प्रक्रिया में भी भारी अनियमितताएं की गईं, जिससे विभागीय व्यवस्था प्रभावित हुई. जब होमगार्ड जवान कुमुद रंजन चौबे ने इन मामलों के खिलाफ आवाज उठाई, तब उनके खिलाफ कथित तौर पर साजिश रची गई. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रकाश रंजन ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दोनों के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करवा दी.
इस कार्रवाई के कारण उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सबसे हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि पिछले तीन वर्षों से मामले से जुड़े दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत उपलब्ध होने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
इसके विपरीत, आरोपी अधिकारी को कंपनी कमांडर से प्रमोट कर इंस्पेक्टर बना दिया गया. इस पूरे घटना के बाद विभाग की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

